जेल की चारदीवारी के भीतर और आसपास फोर जी मोबाइल काम नहीं करेंगे। जिला कारागार में अगले महीने से फोर जी जैमर की शुरुआत हो जाएगी, जिससे जेल में लगे थ्री जी जैमर अगले माह से फोर जी में तब्दील होंगे। टेस्टिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगले माह जेल में इसकी शुरूआत होगी।
वर्तमान में जिला जेल में फोर जी जैमर न होने से कैदियोें के लिए मोबाइल का प्रयोग करना आसान है। कैदियों के इस नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए फोर जी जैमर लगाने की तैयारी शुरू कर दी गई थी। जैमर लगाकर टेस्टिंग प्रक्रिया शुरू हो गई थी, जो अब पूरी हो चुकी है। अगले माह से जेल में फोर जी नेटवर्क काम करनेे लगेगा। जैमर की शुरूआत होने के बाद फोर जी मोबाइल के नेटवर्क काम नहीं करेंगे, जिससे चोरी छिपे फेसबुक चलाना व वाट्सएप कॉॅलिंग नहीं हो सकेगी।
जैमर का उपयोग मुख्यत: नेटवर्क को जाम करने के लिए उपयोग में किया जाता है। इसकी परिधि में आने वाले मोबाइल फोन से न तो कॉल जा सकती है और न ही कॉल रिसीव हो सकती है। जेल में वर्तमान में थ्री जी जैमर काम कर रहा है। अगले माह ऑटोेमेटिक फोर जी जैमर काम करने लगेगा। वर्तमान में अधिकांश मोबाइल कंपनियां फोर जी सर्विस दे रही हैं।
वर्तमान में जिला कारागार की क्षमता 450 कैदियों की है लेकिन ऐसे में अभी 1250 कैदी बंद हैं। ऐसे में तीन गुना से अधिक कैदी होने के कारण जेल प्रशासन के सामने 24 घंटे चुनौती बनी रहती है। वहीं, आजीवन कारावास के 300 कैदी हैं। वर्तमान में क्षमता से ज्यादा कैदियों का बोझ ढो रही जिला जेल प्रशासन के लिए सिर दर्द बनी है। ऐसे में चोरी छिपे मोबाइल चलाने के मामले में भी सामने आए, लेकिन पकड़ा कोई नहीं जा सका। अन्य जिले की जेलों में दबिश के दौरान मोबाइल मिले, जहां पता चला कि वे मोबाइल फोर जी थे। ऐसे में थ्री जी जैमर लगा होने के कारण फोर जी मोबाइल पकड़ में नहीं आ रहे थे।
लगातार कार्रवाई के बाद जेलों में फोर जी नेटवर्क लगाने का निर्णय लिया गया था, जिसके तहत जेल से फोर जी जैमर लगाने का प्रस्ताव भेजा गया था। इसके बाद से जेल में काम भी शुरू हो गया था। टेस्टिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगले माह से जेल में फोर जी जैमर काम करने लगेंगे।
जल्द ही जेल में फोर जी जैमर काम करने लगेंगे। फोर जी जैमर से जेल की सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद होगी। - राजीव शुक्ल, वरिष्ठ जेल अधीक्षक।