स्कूलों में मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन किया जा रहा है। ऐसे में बच्चे लगातार बीमार पड़ रहे हैं। कोरोना संक्रमण थमने के बाद स्कूल खोले गए हैं, पिछले दिनों लखनऊ से आई टीम ने बेसिक शिक्षा परिषद और कस्तूरबा विद्यालयों का निरीक्षण के दौरान कोविड प्रोटोकाल का पालन होने पर एतराज जताया था।
37 जिलों में भेजी गई जांच टीमें
परिषदीय विद्यालयाें में कायाकल्प, भोजन गुणवत्ता, मिशन प्रेरणा के तहत संचालित गतिविधियां और कोविड प्रोटोकाल की जमीनी सच्चाई जानने के लिए शासन स्तर पर झांसी समेत प्रदेश के 37 जिलों में जांच टीमें भेजी गई थीं। प्रत्येक जिले से दस विद्यालयों का निरीक्षण किया गया था। इसी क्रम में झांसी के विद्यालयों में जिन 18 बिंदुओं पर जांच की गई, उसमें 60 प्रतिशत विद्यालय मानक पर खरे नहीं उतरे थे।
कोविड प्रोटोकाल का उल्लंघन
बेसिक शिक्षा निदेशालय लखनऊ से आए अधिकारी ने बीएसए और विभाग के अन्य अधिकारियों संग बैठक कर जांच में मिली कमियों पर नाराजगी जताई और उन्हें एक सप्ताह में सुधारने का मौका दिया था। लेकिन समय सीमा समाप्त होने के बाद भी न तो मिशन प्रेरणा की गतिविधियां सही तरीके से संचालित की गई और न ही कोविड प्रोटोकाल का पालन किया जा रहा है। स्कूलों में बच्चों की संख्या भी नहीं बढ़ी। स्कूलों में बच्चों के बीमार होने लगे तो अभिभावक भी स्कूलों में भेजने से गुरेज करने लगे। लेकिन अभी तक इसमें कोई सुधार नजर नहीं आया।
इस संबंध में बीएसए ने बताया कि अधिकांश विद्यालयों में व्यवस्थाएं दुरुस्त हो चुकी हैं। जरूरत की चीजें खरीदने के लिए प्रधानाध्यापकों को निर्देशित किया गया है। स्कूलों में सैनिटाइजर की व्यवस्था है। बच्चों के स्वास्थ्य की जांच के लिए सीएमओ से पत्राचार किया जा चुका है। अभिभावकों को स्कूलों की बच्चों की सुरक्षा को लेकर आश्वस्त किया जा रहा है।