अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मौसम गर्म हो चला है। धारणा है ऐसे मौसम में हृदयाघात नहीं पड़ता, जो गलत साबित हो रही है। मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राम बाबू सिंह ने बताया कि कोविड के बाद से रक्त कोशिकाओं में चिपचिपापन बढ़ रहा है। इससे खून के थक्के बनने का खतरा बढ़ा हैए जो दिल का दौरा या स्ट्रोक का कारण बनता है। मेडिकल कॉलेज और निजी अस्पतालों में रोजाना छह-सात हृदयाघात के रोगी आ रहे हैं।
हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. निर्देश जैन के अनुसार कोविड इफैक्ट के अलावा लोगों में तनाव काफी बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर सक्रियता की वजह से आउटडोर गतिविधि कम हो गई है। फास्ट फूड व पैक्ड फूड का सेवन बढ़ा है। इससे धमनियों में वसा की मात्रा बढ़ती है। सोशल मीडिया से पता चलता है कि कोई डांस करते समय तो कोई खाना खाते समय हृदयाघात का शिकार हो रहा है।
लक्षण पहचानें, डाॅक्टर को दिखाएं
चलने में पसीना आना। सांस फूलना। सीने में दर्द होना। उल्टे हाथ तथा कंधे के पास दर्द होना। दर्द होने के दौरान उबकाई आना आदि लक्षण हों तो चिकित्सक को जरूर दिखाएं।
बरतें एहतियात
नियमित सैर व व्यायाम करें। फाइबर युक्त भोजन करें। मौसमी फल का ज्यादा सेवन करें। नशे के दूरी बनाए रखें। तनाव के जगह निदान पर ध्यान दें।