अमर उजाला ब्यूरो
झांसी/मोंठ। मंगलवार तड़के रिश्तेदार की शादी से लौट रहे दंपती की कार को अटरिया मोड़ के पास विपरीत दिशा से आ रहे तेज रफ्तार वाहन ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। कार सवार दंपती ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। दोनों के शव कार को गैस कटर से काटकर बाहर निकालना पड़ा। पोस्टमार्टम कराने के बाद पुलिस ने दोनों के शव परिजनों को सौंप दिए। पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश कर रही है। दंपती की मौत से परिवार में कोहराम मचा है।
थाना बड़ागांव के मड़ोरा गांव निवासी अनिल कुशवाहा (30) डायमंड सीमेंट फैक्टरी में नौकरी करते थे। अनिल की रिश्तेदारी में शादी थी। सोमवार को पत्नी विनीता (28), मां सरस्वती समेत दोनों बच्चों को लेकर खिरिया घाट में आयोजित शादी समारोह में गए थे। मंगलवार तड़के करीब पांच बजे दंपती कार से मड़ोरा लौट रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया वह लोग जैसे ही थाना मोंठ के अटरिया मोड़ पहुंचे, उलटे हाथ से आए तेज रफ्तार वाहन ने उनकी कार में टक्कर मार दी। टक्कर लगने से कार के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए। अनिल के साथ विनीता भी अगली सीट पर बैठी थीं। दोनों कार की सीट के बीच में दब गए। हादसे की सूचना पर पुलिस पहुंच गई। आसपास के लोग भी जमा हो गए। दोनों को बाहर निकालने की कोशिश हुई लेकिन, कार के बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने से वह निकाले नहीं जा सके। गैस कटर से कार को काटकर उनके शव बाहर निकाले गए। मोंठ थाना प्रभारी अखिलेश द्विवेदी के मुताबिक सीसीटीवी के जरिए वाहन की तलाश की जा रही है। शव का पोस्टमार्टम भी कराया जा रहा है।
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मां की जिद से बच गई बच्चों की जान
अनिल तड़के बच्चों को लेकर वापस लौटना चाहते थे लेकिन, उस समय उनके दोनों बच्चे पारस और हर्षना सो रहे थे। उनको सोता देख अनिल की मां सरस्वती देवी ने बच्चों को बाद में ले जाने की बात कही। अनिल इसके बाद भी उनको ले जाना चाहते थे। यह देख सरस्वती ने जिद करके दोनों बच्चों को छोड़ देने को कहा। इसके बाद अनिल पत्नी के साथ जाने को राजी हुए। परिजनों का है परिवार के साथ कुछ साल के भीतर यह दूसरा हादसा है। कुछ साल पहले अनिल के पिता रघुवीर की हादसे में जान चली गई थी। अनिल का एक भाई जितेंद्र डायमंड फैक्टरी में है जबकि छोटा भाई जशोदा यूपी पुलिस में सिपाही है। बेटे की मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया।