अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बिजली विभाग की लापरवाही से संविदाकर्मी की जान चली गई। वह शटडाउन लेकर हाईटेंशन लाइन पर जंफर जोड़ने के लिए खंभे पर चढ़ा था। इसी दौरान अचानक आपूर्ति चालू कर दी गई, जिससे वह करंट की चपेट में आ गया। गंभीर रूप से झुलसे युवक को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया। परिजनों ने बबीना थाने में भी बिजली अफसरों के खिलाफ माैखिक शिकायत की है।
थाना बबीना क्षेत्र के सिमरिया गांव निवासी पहलवान राजपूत (30) भेल पावर हाउस में संविदा पर लाइनमैन था। सोमवार शाम करीब छह बजे उसे राजगढ़ इलाके में 11 हजार केवी हाईटेंशन लाइन का जंफर जोड़ने के लिए बुलाया गया था। सहकर्मियों के अनुसार पहलवान ने पावर हाउस से शटडाउन लिया और अनुमति मिलने के बाद खंभे पर चढ़कर काम शुरू किया।
आरोप है कि काम के दौरान ही पावर हाउस से आपूर्ति चालू कर दी गई। बिजली प्रवाहित होते ही लाइन उसके सीने से टकराई और तेज धमाके के साथ वह जलता हुआ नीचे आ गिरा। मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सहकर्मियों और स्थानीय लोगों की मदद से उसे अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
मौत की सूचना मिलते ही पिता चेतराम, भाई रविंद्र समेत परिजन अस्पताल पहुंच गए और बिजली विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। पुलिस ने किसी तरह समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। बबीना थानाध्यक्ष विनय साहू ने बताया कि तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
20 अप्रैल को जानी थी बरात, घर में छाया मातम
पहलवान राजपूत की 20 अप्रैल को दतिया के बसई कस्बे में शादी तय थी। घर में तैयारियां चल रही थीं और निमंत्रण पत्र भी छप चुके थे। सोमवार को ही उसने गाड़ियों और डीजे की बुकिंग कराई थी। शाम करीब पांच बजे उसे दोबारा काम के लिए बुलाया गया। पिता ने मना भी किया, लेकिन वह आधे घंटे में लौटने की बात कहकर चला गया। कुछ देर बाद हादसे की खबर ने पूरे परिवार को झकझोर दिया। शादी वाले घर में मातम छा गया है।
अवर अभियंता निलंबित, एसएसओ हटाए गए
घटना को गंभीरता से लेते हुए मुख्य अभियंता केपी खान ने भेल पावर हाउस में तैनात अवर अभियंता अनिल यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जबकि एसएसओ अरविंद कुमार को हटा दिया गया है। मुख्य अभियंता ने बताया कि मृतक के परिजनों को मुआवजे के रूप में दस लाख रुपये देने की संस्तुति की गई है। साथ ही पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं।