अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मेडिकल कॉलेज में 9.64 करोड़ रुपये से 200 बेड का विश्राम सदन बनना शुरू हो गया है। इसमें दूरस्थ गांव व जिलों से आने वाले रोगियों के तीमारदार ठहरेंगे। इसका संचालन कॉलेज प्रशासन करेगा, जिसका चार्ज तय किया जाएगा।
मेडिकल कॉलेज में रोजाना औसतन 1800 रोगी उपचार के लिए आते हैं। इनमें से 200 से ज्यादा रोगियों को उपचार के लिए भर्ती किया जाता है। भर्ती होने वाले रोगियों के परिजन या तो वार्ड के आसपास या फिर इधर-उधर बैठकर या सोकर समय गुजारते हैं, जिससे काफी दिक्कत होती है। सबसे ज्यादा परेशानी दूरस्थ गांव व जिलों से आने वाले रोगियों के परिजनों को झेलनी पड़ती है। इसके चलते पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने तीमारदारों की सहूलियत के लिए यह बनाने का फैसला लिया है। प्रोजेक्ट मैनेजर हिमालय सिंह ने बताया कि तीमारदारों के लिए विश्राम सदन बनने का काम शुरू हो गया है। इसके चार, छह और आठ बेड के अलग-अलग हॉल बनेंगे और सामान्यत : सुविधाएं होंगी। 25 मई 2025 में इसको शुरू करने का लक्ष्य है। इसका संचालन मेडिकल कॉलेज प्रशासन करेगा और प्रति बेड के हिसाब से किराया तय करेगा।