शाम पांच बजे के बाद कांग्रेस के पदाधिकारी, कार्यकर्ता रेलवे स्टेशन पहुंचे। प्लेटफार्म नंबर एक के दिल्ली एंड पर लगे बोर्ड पर दर्ज नाम वीरांगना लक्ष्मीबाई के आगे पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने पेंट से झांसी लिख दिया। कांग्रेसियों ने नारे भी लगाए कि वह अपनी झांसी नहीं देंगे।
पूर्व मंत्री ने कहा कि स्टेशन का नाम बदलने के लिए वह पत्र लिख चुके हैं। कोई हल न होते देख विरोध जताने के लिए पेंट से झांसी लिखा है। मांग की कि सरकार स्टेशन का नाम वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी कर दे। इससे सम्मान ही बढ़ेगा। जीआरपी को मुकदमा लिखना है तो लिखे। अगर झांसी मिटाएंगे तो फिर से लिखेंगे।
स्टेशन में झांसी जोड़ने की मांग
कांग्रेस महासचिव राहुल रिछारिया ने कहा कि रानी और झांसी को अलग नहीं किया जा सकता। रानी ने झांसी के लिए खुद को बलिदान कर दिया। महानगर अध्यक्ष अरविंद वशिष्ठ ने कहा कि भाजपा के नेता खुद स्टेशन के नाम में झांसी जोड़ने की मांग कर रहे हैं। ये राजनीतिक मुद्दा नहीं जनभावना का सवाल है। स्टेशन के नाम में झांसी जोड़ा जाए।
इस दौरान राजेंद्र रेजा, मनीराम कुशवाहा, सुनील तिवारी, रामकुमार शुक्ला, इम्तियाज हुसैन, गौरव जैन मौजूद रहे।