झांसी। पर्यूषण पर्व के अंतिम दिवस श्रावकों ने उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की आराधना की। साथ ही जैन मंदिरों में अनंत चर्तुदशी के मौके पर भगवान वासुपूज्य का निर्वाण लाडू चढ़ाया गया। इस मौके पर श्रद्धालुओं में आस्था का अतिरेक देखते ही बन रहा था। रविवार को शहर के जैन मंदिरों में भक्तों की भीड़ रही। महापर्व के अंतिम दिवस श्रद्धालुओं ने महानगर के जैन मंदिरों की वंदना की। अंतिम दिन भक्तों ने व्रत, उपवास और निर्जला करके संयम धारण करने का उपक्रम किया।
दिगंबर जैन पंचायती बड़ा मंदिर जी गांधी रोड में आर्यिका विविक्त श्री माताजी ने कहा कि व्यक्तियों का समूह समाज का निर्माण करता है। वह समाज हरा भरा रहता है जो एक दूसरे के काम में आए और अपनी संस्कृति की रक्षा करें। जो समाज अपनी और अपने परिवार की ही चिंता करता है वह एक दिन उजड़ जाती है। काम भावों का अतिक्रमण अपराध का सृजन करता है।
दोपहर में वार्षिक कलशाभिषेक समारोह में पंडित बालचंद्र शास्त्री के निर्देशन में भगवान का कलशाभिषेक जितेंद्र चौधरी, अशोक जैन रतन सेल्स, इंजीनियर हुकुमचंद जैन, सुनील जैन अछरोनी, मनोज जैन अछरोनी, मनोज नायक ने किया। छत्र चढ़ाने का सौभाग्य सुरेश जैन मावा वालों को प्राप्त हुआ। ध्वजारोहण शैलेंद्र जैन सरोज जैन ने किया। पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने पर्यूषण पर्व के 10 धर्मों को मानव जाति के कल्याण का मार्ग बताया। पंचायत महामंत्री प्रवीण कुमार जैन, प्रकाश चंद जैन एडवोकेट, राजेश जैन, संजय सिंघई, अनिल बाजा, अजीत जैन, दिनेश जैन डीके, शांत कुमार जैन, सौरभ जैन, रजनी जैन, दीप्ति जैन, अनुष्का जैन, शशि जैन, रविंद्र जैन, सुरेंद्र सराफ मौजूद रहे। वहीं पूजन में जैन धर्म के शाश्वत सिद्ध क्षेत्र सम्मेद शिखरजी की यात्रा कराई गई। भगवान महावीर करुणा स्थली पर भगवान की शांतिधारा अभिषेक डॉ. पीके जैन ने किया। शाम को पंचायती बड़ा जैन मंदिर में नव संस्कार चतुर्दशी ग्रुप पाठशाला के बच्चों का द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई। इस मौके पर बच्चों ने विभिन्न जैन तीर्थंकरों और महापुरुषों का वेश धरकर नाट्य प्रस्तुतियां दीं। इस मौके पर शशि जैन, अनुष्का जैन, दीप्ति जैन, अर्चना जैन, रश्मि जैन, नेहा जैन, प्राची जैन मौजूद रहे। नगरा स्थित जैन मंदिर में सुबह भगवान वासुपूज्य का निर्वाण कल्याणक मनाया गया। साथ ही शाम को थाली सजाओ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।