झांसी। ग्राम पंचायत मड़ोरा में बिना एसएमएस के धान की फसल काट रहे एक कंबाइन हार्वेस्टर को पकड़कर सीज कर दिया गया। इस वर्ष अब तक पराली जलाने की 21 घटनाएं सेटेलाइट के माध्यम से पकड़ी जा चुकी हैं। जिन किसानों के यहां सेटेलाइट से पराली जलाने के मामले पकड़े गए हैं, उन्हें शासन से मिल रही योजनाओं की जांच की जाएगी और योजनाओं का लाभ नहीं दिया जाएगा।
तहसील मोंठ, सदर और टहरौली में पिछले एक माह से लगातार जन जागरूकता अभियान के दौरान किसानों को फसल अवशेष (पराली) नहीं जलाने के प्रति जागरूक किया जा रहा था। पराली जलाने से पर्यावरण को होने वाले नुकसान के बारे में बताया जा रहा था। लेकिन इसके बाद भी पराली जलाने की घटनाएं हो रही हैं। अब तक फसल अवशेष जलाने की 21 घटनाएं हो सैटेलाइट के माध्यम से चिह्नित की गई हैं। अब इन सभी किसानों को मिलने वाली शासन की योजनाओं की जांच की जा रही है। इन किसानों से योजनाएं छीनी जाएंगी और उन्हें लाभ नहीं दिया जाएगा। अब तक तीन किसान ऐसे पकड़े जा चुके हैं और उनके राशन कार्ड निरस्त कर दिए गए हैं।
उधर, जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम सदर क्षितिज द्विवेदी और उप कृषि निदेशक केके सिंह पुलिस बल के साथ ग्राम पंचायत मड़ोरा पहुंचे, जहां एक किसान के खेत में कंबाइन हार्वेस्टर बिना एसएमएस लगाए धान की फसल काट रहा था। इससे फसल के नीचे के अवशेष बकाया रह जाते और बाद में इनमें आग लगा दी जाती, जबकि शासन ने बिना एसएमएस लगाए फसल को काटने पर प्रतिबंध लगा रखा है। बिना एसएमएस के काम कर रहे कबांइन को सीज कर दिया गया।