कानून व्यवस्था और विकास कार्यों की समीक्षा करते सीएम योगी
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शनिवार को दो दिवसीय दौरे पर झांसी पहुंचे प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अफसरों से बेहद खफा दिखे। कानून व्यवस्था और विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान सीएम ने कहा कि प्रदेश भर में माफियाओं पर कार्रवाई हो रही मगर अवैध खनन के लिए चर्चित इस इलाके में कोई बड़ा एक्शन नहीं हुआ। विकास के प्रोजेक्ट धीमी गति से चल रहे हैं, लेकिन ठेकेदारों पर कार्रवाई नहीं हो रही। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि लापरवाह अफसरों को बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शाम को करीब सवा चार बजे कमिश्नरी में समीक्षा शुरू की। सबसे पहले ललितपुर की समीक्षा हुई। कानून व्यवस्था के मुद्दे पर वहां के पुलिस अफसरों को लताड़ा गया। सीएम ने साफ कहा कि ललितपुर में अपराध बढ़ रहे हैं। अधिकारी क्राइम कंट्रोल करने में फेल साबित हो रहे हैं। या तो हालात सुधार लीजिए वरना बड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहिए।
मुख्यमंत्री ने झांसी और ललितपुर में विकास के सभी प्रोजेक्ट की सिलसिलेवार समीक्षा की। फ्लाईओवर से लेकर पेयजल योजनाओं की प्रगति पूछी। जलजीवन मिशन और महानगर पेयजल योजना की सुस्त रफ्तार पर सीएम ने अधिकारियों को कसा। अफसरों से पूछा कि क्या आप लोग संबंधित प्रोजेक्ट की साइट पर जाते हैं? कभी ठेकेदार को कार्रवाई की चेतावनी दी है? उन्होंने कहा कि जो सही से काम नहीं कर रहा है उसके खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कराइए और जेल भेजिए। विकास के जो भी प्रोजेक्ट चल रहे हैं उनकी गुणवत्ता पर खास ख्याल रखा जाए।
समीक्षा में मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों में अवैध कब्जा, अवैध खनन कर अकूत संपत्ति हासिल करने वालों पर अब तक झांसी में कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई है। पूरे प्रदेश में माफियाओं की संपत्ति जब्त हो रही है। जेल भेजा जा रहा है मगर झांसी और ललितपुर में किसी पर कोई कार्रवाई नहीं। इस पर सभी अधिकारी खामोश रहे। उन्होंने इन लोगों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
समीक्षा में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, केंद्रीय उद्योग राज्यमंत्री भानुप्रताप वर्मा, विधानपरिषद के सभापति मानवेंद्र सिंह, सेवा योजन मंत्री मनोहर लाल पंथ, जिला पंचायत अध्यक्ष पवन गौतम, महापौर रामतीर्थ सिंघल के साथ सभी विधायक और अधिकारी मौजूद रहे।