झांसी। सावधान! इन दिनों साइबर अपराधी लोगों को न्यूड कॉल के जाल में फांसकर ब्लैकमेल कर रहे हैं। पुलिस की साइबर सेल में इस तरह के मामलों की बाढ़ सी आई हुई है। सोशल मीडिया पर इज्जत नीलाम करने की धमकी देकर रकम मांगी जा रही है। हालात ये हैं कि युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक को ये अपने जाल में फंसा रहे हैं। इन साइबर अपराधियों के तार देश के कई राज्यों से जुड़े हुए हैं।
बीस दिन पहले शहर के एक अधेड़ उम्र के कारोबारी के पास व्हाट्सएप कॉल आती है। रिसीव करने पर सामने एक खूबसूरत लड़की नजर आती है। वह किसी व्यक्ति का नाम लेती है, कारोबारी रॉंग नंबर बताता है। इस पर वो सॉरी बोलती है, लेकिन बात आगे बढ़ा देती है। कारोबारी ने भी शराब पी रखी थी। ऐसे में वो आसानी से उस लड़की जाल में फंस जाता है। बातों ही बातों में लड़की उसे अपने जाल में फंसा लेती है। बातों के जाल में उलझा कारोबारी लड़की के कहे अनुसार करता जाता है। तकरीबन आधे घंटे तक दोनों के बीच व्हाट्एस पर वीडियो कॉलिंग चलती रहती है। इसके बाद कारोबारी ने कई बार लड़की के नंबर पर बात करने की कोशिश की, लेकिन बात हो नहीं पाई। इसके तीन दिन बाद कारोबारी के मोबाइल पर फोन आता है और उसे व्हाट्सअप चेक करने को कहा जाता है। यहां लड़की और उसके बीच हुई वीडियो कॉलिंग का वीडियो नजर आता है, जिसे देखकर उसके होश उड़ जाते हैं। कारोबारी को धमकी दी जाती है कि पचास हजार रुपये अकाउंट में डाल दो, वरना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जाएगा। कारोबारी दो किस्तों में पचास हजार रुपये अकाउंट में डाल देता है। इसके बाद उससे पच्चीस हजार रुपये और मांगे जाते हैं। हर बार उसे एक नया अकाउंट नंबर दिया जाता है। इस पर वो साइबर सेल की शरण लेता है। साइबर सेल की जांच में ब्लैकमेलिंग के इस खेल के तार राजस्थान के मेवाड़ से जुड़े पाए गए।
ये केवल एक मामला नहीं है। कोरोना काल में लॉकडाउन और कर्फ्यू जैसे प्रतिबंधों के बीच लोगों ने अपना ज्यादातर खाली समय मोबाइल के साथ बिताया। साइबर अपराधियों के लिए ये समय एकदम मुफीद रहा। न्यूड कॉल के जरिये उन्होंने लोगों को अपना शिकार बनाया। स्थिति ये है कि पुलिस की साइबर सेल में हर माह इस तरह के बीस मामले पहुंच रहे हैं। हर वर्ग के लोग इनका शिकार बन रहे हैं।
केस - 1
शिक्षक बना शिकार
झांसी। ग्रामीण क्षेत्र का एक शिक्षक भी न्यूड कॉल का शिकार बना है। पहले एक अनजान लड़की से उसकी फोन पर बातचीत हुई। बातचीत का सिलसिला चल निकला। एक दिन रात में वीडियो कॉल करने का समय तय हुआ। उस रात शिक्षक परिजनों से दूर घर के एक अलग कमरे में सोया। रात में लड़की ने उसे न्यूड कॉल किया और उसके अगले दिन वीडियो वायरल करने की धमकी देते हुए एक लाख रुपये की मांग कर डाली। तब शिक्षकों को पता चला कि वो साइबर अपराध का शिकार हो गया है। उसने पुलिस की साइबर सेल की शरण ली।
केस - 2
बुजुर्ग भी फंस गए चंगुल में
झांसी। उरई के एक सरकारी विभाग से सेवानिवृत्त 62 वर्षीय बुजुर्ग भी साइबर अपराधियों के चंगुल में फंस गए हैं। उन्हें एक लड़की ने फोन किया और बाद में उनकी बात एक महिला से कराई। तकरीबन एक महीने तक बुजुर्ग और महिला के बीच बातचीत का सिलसिला चलता रहा, जो न्यूड कॉल तक आ पहुंचा। बुजुर्ग भी महिला के बातों के जाल में उलझ गए। उन्होंने नहीं पता था कि उनकी ये वीडियो कॉलिंग रिकॉर्ड की जा रही है। बाद में उनसे वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पचास हजार रुपये की मांग की गई। घबराए बुजुर्ग ने अपनी आपबीती अपने छोटे भाई को बताई। भाई उन्हें साइबर सेल लेकर पहुंचा। मामले की पड़ताल की जा रही है।
साइबर अपराधियों पर पुलिस लगातार अपना शिकंजा कस रही है। रेंज के साइबर थाने के माध्यम से सैकड़ों लोगों को ठगी का शिकार होने से बचाया जा चुका है। लाखों रुपये की रकम लोगों की वापस भी कराई गई है। साइबर अपराधी लगातार अपने पैंतरे बदल रहे हैं। न्यूड कॉल के मामले भी तेजी से बढ़े हैं। ऐसे में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। साइबर अपराध का शिकार होने पर तत्काल सूचना पुलिस को दें। इसे छुपाएं कतई नहीं।
- जोगेंद्र कुमार, डीआईजी
ये बरतें सावधानी
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- किसी भी अनजान व्यक्ति से मोबाइल पर खुलकर बात न करें, बातचीत सिर्फ काम की बात तक ही सीमित रखें।
- अनजान व्यक्ति की वीडियो कॉल कतई रिसीव न करें।
- फेसबुक पर अनजान लोगों से दोस्ती न करें।
- अपने बच्चों के मोबाइल फोन चेक करते रहें।
- साइबर अपराध के बारे में परिजनों से भी चर्चा करें, ताकि वे भी जागरूक हों।
- बैंक डाटा कतई किसी के साथ शेयर न करें।