झांसी। मंडलायुक्त डा. अजय शंकर पांडेय ने कहा कि बुंदेलखंड क्षेत्र में अनेक ऐसी इमारतें, मीनार, झील और पहाड़ियां हैं, जो किसी भी योजना मेें संरक्षित नहीं हैं। ऐसी धरोहरों को संरक्षित करने के लिए स्थानीय स्तर पर पहल करने की आवश्यकता है। उन्होंने ऐसे स्थलों को गोद लेने के लिए अडॉप्ट हेरिटेज अभियान चलाकर बुनियादी सुविधाओं के विकास एवं रखरखाव के लिए कार्य करने के निर्देश दिए।
पर्यटन एवं ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण हेतु गठित समिति की बैठक उन्होंने दिगारा पहाड़ी पर जाकर की। उन्होंने बताया कि झांसी मंडल ऐतिहासिक दृष्टि से समृद्ध है, परंतु अनेक इमारतों को संरक्षण नहीं मिलने के कारण विलुप्त होने की कगार पर पहुंच गई हैं। इन स्थलों को स्थानीय व्यक्तियों, उद्यमियों और व्यवसायिक संस्थानों के सहयोग से गोद लेकर इन्हें संरक्षित किया जाएगा। उन्होंने पहाड़ी के आसपास सौंदर्यीकरण कराने को कहा। आवास विकास परिषद के अधिशासी अभियंता को एस्टीमेट बनाने के निर्देश दिण्, जो व्यक्ति ऐसी इमारतों को गोद लेगा उनका नाम ऐसे स्थानों पर प्रदर्शित किया जाएगा।
उन्होेंने कहा कि अपनी समृद्ध धरोहर का सम्मान करना व संरक्षित रखना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। अडॉप्ट हेरिटेज अभियान का उद्देश्य स्मारकों के रखरखाव पर केंद्रित होगा। अभियान को केवल एक स्थल तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि मंडल के सभी ऐसे स्थलों को खोजा जाएगा, जो किसी विभाग द्वारा संरक्षित नहीं हैं।
इस मौके पर पुरातत्व अधिकारी एसके दुबे, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के डॉ संजय, सहायक अभियंता शरद कुमार, मंडलीय परियोजना प्रबंधक एनएचएम आनंद चौबे आदि उपस्थित रहे।
यह कार्य किए जाएंगे.
- बुंदेलखंड की सभ्यता और सांस्कृतिक गरिमा से जुड़े स्थलों को मंडल के तीनों जिलों में खोजा जाएगा।
- स्मारकों को चिह्नित करने का अभियान चलेगा।
- चिह्नित होने के बाद उन्हें गोद लेने वालों की सूची तैयार की जाएगी।
- आवास विकास परिषद के माध्यम से स्थलों की मरम्मत कराई जाएगी।
- पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए आयोजन होगा। लोग उस स्थान के ऐतिहासिक महत्व को समझ सकेंगे।
- चिह्नित स्थानों के इतिहास की जानकारी बुंदेलखंड विश्वविद्यालय व इतिहासकार उपलब्ध कराएंगे।