झांसी दौरे पर आए कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि पिछले सात साल में केंद्र और साढ़े चार साल में प्रदेश की सरकार ने किसानों के लिए तमाम योजनाएं चलाई हैं, जिसका लाभ सीधे तौर पर किसानों को मिला है।
कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने किसान आंदोलन को राजनीतिक दलों का पोषित आंदोलन बताया है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल किसानों के कंधे पर बंदूक रखकर अपनी सियासी रोटियां सेंक रहे हैं।
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झांसी दौरे पर आए कैबिनेट मंत्री ने सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि पिछले सात साल में केंद्र और साढ़े चार साल में प्रदेश की सरकार ने किसानों के लिए तमाम योजनाएं चलाई हैं, जिसका लाभ सीधे तौर पर किसानों को मिला है।
इसी का प्रभाव है कि जितने विपक्षी दल हैं, वो तमाम मुद्दों को छोड़कर किसानों के कंधे पर बंदूक रखकर चलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसे किसान आंदोलन नहीं कहा जाए। ये राजनीतिक दलों का पोषित आंदोलन है।
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रालोद, कांग्रेस, सपा, कम्युनिस्ट पार्टी भले ही मंच पर न हो, मगर वो आंदोलन का नेतृत्व करने का काम कर रही हैं। अपने हित के लिए किसानों को मोहरा बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार कानून में संशोधन के लिए तैयार है। लेकिन पहले लिखित रूप से बताएं तो कि कानून में काला क्या है।
मंत्री बोले कि यूपी समेत पांच राज्यों में होने वाले चुनाव को लेकर आंदोलन चल रहा है। मगर चुनाव में इससे कुछ भी फर्क नहीं पड़ने वाला। पहले से भी ज्यादा सीट जीतकर भाजपा दोबारा सरकार बनाएगी। उन्होंने किसान आंदोलन को लेकर दिए सांसद वरुण गांधी के बयान को निजी विचार कहकर सवाल को टाल दिया।