जानकारी के अनुसार कानपुर देहात के सिकंदरा गांव का रहने वाला नीरज आदिवासी झांसी में कानपुर हाईवे पर स्थित बराठा गांव में रहता था। वह शहद को फेरी लगाकर बेचने का काम करता था। बुधवार को वह घर लौट रहा था। रास्ते में कानपुर हाईवे को पार करते समय बस ने उसे रौंद दिया। जिसमें उसकी दर्दनाक मौत हो गई।
कानपुर देहात के सिकंदरा गांव निवासी नीरज आदिवासी को हाईवे पार करते समय बस ने रौंद दिया। हादसे में नीरज की दर्दनाक मौत हो गई। उसकी मौत की सूचना से घर में कोहराम मच गया।
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जानकारी के मुताबिक कानपुर देहात के सिकंदरा गांव निवासी नीरज आदिवासी (28) अपने कुनबे के साथ कई सालों से झांसी में कानपुर हाईवे पर स्थित बराठा गांव में झुग्गी-झोपड़ी में रहता था। वह फेरी लगाकर शहद बेचकर परिवार का जीवन यापन करता था।
बुधवार की शाम वह शहद बेचकर वापस घर जा रहा था। कानपुर हाईवे पर नीरज सड़क पार कर रहा था। इसी दौरान तेज रफ्तार बस ने उसे रौंद दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। मृतक की शादी हो चुकी थी और तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं। युवक की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।