झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के फार्मेसी विभाग ने नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) में 68वीं रैंक हासिल की है। बीयू के कई विभागों ने इसके लिए आवेदन किया था, जिसमें से सिर्फ फार्मेसी विभाग टॉप 200 ही नहीं, बल्कि टॉप 100 रैंक में जगह बनाने में कामयाब हुआ है।
भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की ओर से हर वर्ष एनआईआरएफ रैंकिंग जारी की जाती है। देश के विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, फार्मेसी संस्थानों की रैंकिंग के लिए एनआईआरएफ संस्था बनाई है। इससे पूर्व रैकिंग के लिए कोई सरकारी संस्था नहीं थी। प्राइवेट संस्थाएं रैकिंग जारी करती थीं, जिस पर तरह-तरह के सवाल उठते थे। मगर अब मानकों के आधार पर सरकार की ओर से सरकारी और प्राइवेट संस्थानों को रैंकिंग दी जाती है। फार्मेसी विभाग के समन्वयक डॉ. पीयूष भारद्वाज ने बताया कि रैंकिंग के लिए बीयू से कई विभागों ने आवेदन किया था। इसमें फार्मेसी विभाग ने 68वीं रैंक हासिल की है। विभाग में चल रहे कोर्सों, उच्च शैक्षिक गुणवत्ता, शोध परियोजनाओं, दूसरी गतिविधियों, शिक्षकों के शोध कार्य और अकादमिक पुरस्कारों के आधार पर ये रैंक मिली है। इससे विभाग को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल गई है। उन्होंने बताया कि अब फार्मेसी विभाग के विद्यार्थियों को और अच्छे पैकेज पर प्लेसमेंट मिल सकेगा। साथ ही बड़ी-बड़ी कंपनियां भी प्लेसमेंट के लिए बीयू आएंगी। कई प्रोजेक्ट भी मिल सकेंगे।
बीयू के फार्मेसी विभाग की एनआईआरएफ में 68वीं रैंक हासिल कर यूनिवर्सिटी का नाम रोशन किया है। विभाग के सभी शिक्षक और स्टाफ बधाई के पात्र हैं। उम्मीद है कि अगले कुछ सालों में बीयू के और विभाग रैंक हासिल कर सकेंगे। - प्रो. जेवी वैशम्पायन, कुलपति, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय।