झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में अब ब्रेन के ट्यूमर, स्पाइन की सर्जरी के दौरान नस कटने का खतरा कम होगा। ऐसा न्यूरोमॉनीटरिंग मशीन की वजह से होगा। कॉलेज में इस मशीन के जरिए शुक्रवार को पहला ऑपरेशन किया गया।
रीढ़ की हड्डी और ब्रेन के ट्यूमर की सर्जरी करते समय नस कटने का खतरा बना रहता है। नस कट जाने से मरीज अपाहिज तक हो सकता है। कई नवजात बच्चों की रीढ़ की हड्डी में फोड़ा, बड़े लोगों की रीढ़ की हड्डी टेढ़ी होने के मामले सामने आते रहते हैं। मेडिकल कॉलेज में अब न्यूरोमॉनीटरिंग मशीन आ जाने से सर्जरी में काफी मदद मिलेगी। न्यूरो सर्जन डॉ. दिनेश राजपूत ने बताया कि शुक्रवार को मशीन की मदद से नवजात बच्चे की पीठ के फोड़े का ऑपरेशन किया गया। बताया कि बच्चे की सारी नसें बाहर थीं। ऐसे ऑपरेशन के दौरान नस कटने का डर रहता है। मगर मशीन के जरिए सफल ऑपरेशन हो गया।
बच्चादानी के कैंसर का हुआ ऑपरेशन
झांसी। मेडिकल कॉलेज के गायनी विभाग की प्रोफेसर डॉ. हेमाजय शोभने ने बच्चादानी के कैंसर का सफल ऑपरेशन किया। बुंदेलखंड में इस मर्ज के भी कई मामले सामने आते रहते हैं। मगर कई लोग दूसरे शहरों में सर्जरी कराने के लिए चले जाते हैं।