झांसी। बर्ड फ्लू के बढ़ते खतरे को देखते हुए पशुपालन विभाग ने एहतियात के तौर पर झांसी में मुर्गे-मुर्गियों को खुले में ले जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। चेतावनी दी है कि ऐसा करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही विभाग ने 23 टीमों का गठन कर क्षेत्र में निगरानी शुरू कर दी है। सबसे अधिक फोकस मध्यप्रदेश की सीमा से सटे गांवों और क्षेत्रों पर किया जा रहा है।
पिछले दिनों झांसी में भी चार कौवे मरे पड़े मिले थे। हालांकि जांच के दौरान कौवों में बर्ड फ्लू की पुष्टि नहीं हुई थी। मध्यप्रदेश में सबसे अधिक कौवों की मौत हो चुकी है। क्षेत्र में संक्रमण के खतरे को देखते हुए सतर्कता बरतनी शुरू कर दी गई है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. वाईके तोमर ने बताया कि पक्षियों से बीमारी का सबसे अधिक प्रसार होता है। पोल्ट्री फार्म संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पूरी सावधानी बरतें। मुर्गी और मुर्र्गों का परिवहन बंद गाड़ी में ही किया जाए।
क्षेत्र में 23 टीमों को भी तैनात किया गया है। टीमों में एक पशु चिकित्साधिकारी, एक पशुधन प्रसार अधिकारी और दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं। पशुपालन विभाग की टीमें वन विभाग के साथ भी निरीक्षण कर रही हैं।