बिजौली में जिले की सबसे बड़ी गोशाला बनने जा रही है। इसमें दो हजार गोवंशों को रखने की व्यवस्था होगी। नगर निगम ने इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। गोशाला बनने के बाद सड़कों पर घूमने वाले आवारा जानवरों से कुछ हद तक राहत जरूर मिल जाएगी।
मौजूदा समय में अभी महानगर में तीन गोशाला बनी हैं। कांजी हाउस बिजौली में बनी गोशाला की क्षमता 100 गायों की है और इसमें 136 गोवंश हैं। 260 क्षमता वाले कान्हा उपवन राजगढ़ में 295 गोवंश हैं। जबकि, 500 क्षमता वाले अस्थायी गौ आश्रय स्थल लहरगिर्द में गोवंशों की संख्या 477 है।
आंकड़ों के अनुसार तीनों गोशालाओं में 860 गोवंश रखने की क्षमता है और 908 उपलब्धता। नगर निगम के पास गोवंशों को रखने की और जगह नहीं है। इसलिए सड़कों पर छुट्टा जानवर घूम रहे हैं। इस समस्या को मद्देनजर रखते हुए नगर निगम प्रशासन ने बड़ी गोशाला बनाने का फैसला लिया है।
बिजौली में कान्हा उपवन के पास बनने वाली इस गोशाला में दो हजार गोवंशों को रखा जा सकेगा। इसमें कार्यालय के अलावा भूसा गोदाम, जानवरों के खाने के लिए चरई आदि का निर्माण कराया जाएगा। गोशाला बनने के बाद सड़क पर घूमने वाले छुट्टा जानवरों से कुछ हद तक राहत जरूर मिलेगी।
नगर निगम वेटनरी ऑफिसर, डॉ. आरके निरंजन ने बताया कि बिजौली में गोशाला निर्माण के लिए स्वीकृति मिल गई है। इसमें दो हजार गोवंशों को रखा जा सकेगा। इसके लिए टेंडर की कार्रवाई चल रही है।