झांसी। कोरोना की संभावित तीसरी लहर से पहले प्राइवेट सेंटर पर शासन ने लगाम कस दी है। कोविड की एंटीजन, ट्रू नेट जांच से लेकर एचआरसीटी तक की जांचों के दाम चार गुना तक घटा दिए हैं। नियमों का उल्लंघन करने पर लोक महामारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
तीन जनवरी को अपर मुख्य सचिव ने आदेश जारी किया है कि आरटीपीसीआर जांच के लिए निजी अस्पताल द्वारा प्राइवेट लैब को सैंपल की जांच की दर अथवा किसी व्यक्ति द्वारा लैब पर जाकर कोविड की जांच कराने पर 700 रुपये (जीएसटी सहित), निजी लैब द्वारा स्वयं एकत्र किए गए सैंपल की 900, राज्य सरकार के विहित प्राधिकारी द्वारा प्राइवेट लैब को सैंपल भेजने पर 500 रुपये फीस ली जाएगी। जबकि, एंटीजन किट से जांच कराने पर 250 और ट्रू नेट से 1250 रुपये लगेंगे। घर से सैंपल कलेक्शन के लिए 200 रुपये अलग से देने होंगे। चूंकि, कोविड होने पर सीटी स्कैन की जांच भी करानी पड़ती है। ये जांच प्राइवेट सेंटरों पर काफी महंगी होती है। हर किसी के बस की बात नहीं है कि वो सीटी स्कैन करा पाए। ऐसे में अब 16 स्लाइस तक एचआर सीटी स्कैन की जांच दो हजार रुपये में करनी होगी। वहीं, 16 से 64 स्लाइस तक सीटी स्कैन कराने पर 2250 और 64 स्लाइस से अधिक 2500 रुपये लगेंगे। ये आदेश नहीं मानने पर एपीडेमिक डिजीज एक्ट 1897 और उत्तर प्रदेश लोक स्वास्थ्य एवं महामारी अधिनियम 2020 के तहत सेंटर के खिलाफ कार्रवाई होगी।
अभी इतना वसूलते सेंटर
जांच फीस
एंटीजन किट 1000
ट्रूनेट 4000
सीटी स्कैन 5000
(नोट: अलग-अलग सेंटरों के दाम घट-बढ़ सकते।)
शासनादेश में निर्धारित दरों पर ही प्राइवेट सेंटरों को कोविड, सीटी स्कैन की जांच करनी होगी। यदि कोई नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ महामारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. रमाकांत सोनी, जिला नोडल अधिकारी, कोविड।