झांसी स्टेशन पर केतन व सौरभ का स्वागत करते लोग।
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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर झांसी का नाम रोशन करने वाले हॉकी खिलाड़ी और अंडर -18 भारतीय हॉकी टीम के कप्तान केतन कुशवाह और जूनियर विश्व कप के कांस्य पदक विजेता सौरभ आनंद कुशवाहा का झांसी आगमन पर मंगलवार को स्वागत और सम्मान किया गया। रेलवे स्टेशन से लेकर विभिन्न स्थानों पर खेल प्रेमियों, सामाजिक संगठनों और पदाधिकारियों ने स्वागत किया।
एशिया कप में स्वर्ण पदक जीतकर देश और झांसी का नाम रोशन करने वाली भारतीय अंडर-18 हॉकी टीम के कप्तान केतन ने कहा कि जापान को उसके ही घर में हराकर ट्रॉफी जीतना पूरी टीम के लिए बेहद गर्व और संतोष का क्षण रहा। उन्होंने बताया कि लीग चरण में जापान से मिली हार ही टीम के लिए सबसे बड़ी सीख साबित हुई, जिसने खिलाड़ियों को फाइनल के लिए और मजबूत बनाया।
आत्मविश्वास से मिली जीत
शहर लौटने के बाद विशेष बातचीत में केतन ने कहा कि टीम का सपना जापान को उसके घर में हराकर खिताब जीतने का था। लीग मैच में मिली हार के बाद खिलाड़ियों ने संकल्प लिया था कि यदि फाइनल में दोबारा जापान का सामना हुआ तो उसका जवाब जीत से देंगे। फाइनल में टीम ने उसी संकल्प को साकार कर इतिहास रच दिया।
केतन ने बताया कि पूरे टूर्नामेंट के दौरान टीम ने कई बार दबाव का सामना किया, लेकिन खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बनाए रखा गया। युवा कप्तान के रूप में उनकी प्राथमिकता टीम को एकजुट रखना और खिलाड़ियों के साथ लगातार संवाद बनाए रखना था।
सफलता के लिए इन्हें दिया श्रेय
उन्होंने टीम की सफलता का श्रेय कोचिंग स्टाफ और साथी खिलाड़ियों को देते हुए कहा कि कोच और सपोर्ट स्टाफ ने मैदान के अंदर और बाहर हर परिस्थिति में खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया। इसी का परिणाम रहा कि टीम मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनी रही।
युवा खिलाड़ियों को दिया यह संदेश
युवा खिलाड़ियों के लिए संदेश देते हुए केतन ने कहा कि मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी हैं। उन्होंने नवोदित खिलाड़ियों से अपने लक्ष्य पर फोकस रखने और देश व परिवार का नाम रोशन करने के लिए पूरी निष्ठा से मेहनत करने की अपील की।
झांसी में जीत को लेकर जानकारी देते केतन...