झांसी। नाबालिग के साथ छेड़खानी का आरोप सिद्ध होने पर अपर सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) ने उल्दन निवासी महिपाल सोनी को पांच साल कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उस पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना न चुकाने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
उल्दन थानाक्षेत्र निवासी महिला ने तहरीर देकर बताया कि 27 जनवरी 2023 को शाम बजे उसकी नाबालिग पुत्री घर में अकेली थी। उसी दौरान महिपाल सोनी नामक युवक घर में घुस आया। उसकी पुत्री के साथ अश्लील हरकतें करने लगा। बेटी के शोर मचाने पर महिपाल भाग निकला। मां के पूछताछ करने पर पीड़िता ने उसे पूरी बात बता दी। पीड़िता को लेकर मां थाने जा पहुंची। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करके आरोपी महिपाल को गिरफ्तार कर लिया। विवेचना के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। अभियोजन पक्ष की ओर से कई अहम सुबूत प्रस्तुत किए। लंबी सुनवाई के बाद कोर्ट ने अभियोजन पक्ष के तर्क से सहमत होते हुए महिपाल को दोषी करार दिया। अपर सत्र न्यायाधीश मोहम्मद नेयाज अहमद अंसारी ने महिपाल को पॉक्सो एक्ट में दोष सिद्ध करार देते हुए पांच साल एवं धारा 354 के तहत तीन साल की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
बीमा कंपनी को 60,000 रुपये क्लेम देने का आदेश
स्थायी लोक अदालत में बबीना निवासी कमल सिंह ने वाद दायर कर बताया कि उसने अपनी भैंस का बीमा द ओरियंटल इंश्योरेंस कंपनी से कराया था। पॉलिसी अवधि के दौरान तीन फरवरी 2018 को उसकी भैंस बीमार हो गई। इलाज के दौरान उसकी भैंस की मौत हो गई। क्लेम के लिए उसने कंपनी में आवेदन किया पर कंपनी ने क्लेम देने से इंकार कर दिया। न्यायालय में वाद दायर करने के बाद स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष विजय कृष्ण सिंह ने मामला सही पाये जाने पर कंपनी को भैंस की मौत का 50 हजार का क्लेम आठ प्रतिशत ब्याज दर के साथ दो महीने में अदा करने व दो महीने के अंदर अदा न करने पर 12 प्रतिशत ब्याज दर के साथ देने व 10 हजार रुपये वाद व्यय के लिए प्रदान करने का आदेश सुनाया।