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आठ नर्सिंगहोमों को नहीं मिल पा रहा ‘आयुष्मान’ का ‘वरदान’

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झांसी। जिले के आठ नर्सिंगहोमों ने आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य विभाग में पंजीकरण करने के लिए आवेदन किया है। कई सप्ताह बीत जाने के बावजूद अब तक इन्हें मंजूरी नहीं मिल पाई है। स्वास्थ्य विभाग इसके पीछे नर्सिंगहोमों द्वारा दो दस्तावेज न दे पाने को वजह बता रहा है। जबकि, नर्सिंगहोमों का तर्क है कि जिन अस्पतालों का पहले पंजीकरण हुआ, उनसे भी ये प्रमाणपत्र नहीं लिया गया।
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आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने आयुष्मान भारत योजना शुरू की है। इसके पात्र लोगों को साल में पांच लाख तक का नि:शुल्क इलाज मुहैया कराया जाता है। मौजूदा समय में स्वास्थ्य विभाग में 28 सरकारी और प्राइवेट अस्पताल आयुष्मान योजना के तहत पंजीकृत हैं। कुछ समय पहले झांसी के आठ नर्सिंगहोमों ने योजना के तहत पंजीकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग में आवेदन किया। मगर अब तक इसे मंजूरी नहीं मिल पाई है। नर्सिंगहोम एसोसिएशन के सचिव डॉ. धीरज प्रकाश का कहना है कि अस्पतालों से फायर की एनओसी और बिल्डिंग कंप्लीशन सर्टिफिकेट की मांग की जा रही है। ये तो झांसी के किसी भी प्राइवेट हॉस्पिटल के पास नहीं है। जिन निजी अस्पतालों का पहले पंजीकरण किया गया, उनसे भी ये पत्र नहीं लिए गए। वहीं, सीएमओ डॉ. अनिल कुमार का कहना है कि प्रक्रिया चल रही है। दो प्रमाणपत्रों की मांग की गई है। जल्द ही कोई रास्ता निकालकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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