झांसी। जनपद में मिलावटखोर लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। दूध से लेकर पनीर तक डिटर्जेंट मिलाकर बेचा जा रहा है। अमर उजाला के अभियान के तहत मंगलवार को खाद्य प्रशासन विभाग (एफडीए) की टीम ने शहर की पॉश कॉलोनी ओमशांति नगर में जांच की तो ये खुलासा हुआ।
मिलावट के खिलाफ अमर उजाला ने अभियान शुरू किया है। पहले दिन एफडीए की मोबाइल वैन ओम शांति नगर पहुंची। शाम पांच बजे से सात बजे तक खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए। यहां लोग खुद दूध, दही, पनीर, दाल और मसाले लेकर पहुंचे थे। सभी जानना चाहते थे कि वह जो खाद्य पदार्थ इस्तेमाल कर रहे हैं वह कितनी सुरक्षित हैं। सबसे ज्यादा लोग दूध और दही लेकर पहुंचे थे। फूड इंस्पेक्टरों की टीम ने तत्काल जांच कर रिपोर्ट भी दे दी थी। खास बात यह है कि दूध और पनीर में डिटर्जेंट का इस्तेमाल मिला है। दूध में जो तत्व होने चाहिए वह गायब थे। इतना ही नहीं पनीर भी डिटर्जेंट मिले दूध से ही बनाया गया था। पनीर के सैंपल भी फेल हो गए। वैन में कुल 50 खाद्य पदार्थ के नमूने जांचे गए। इसमें दूध, घी, पनीर, हल्दी, दाल, मसाले आदि शामिल रहे। सहायक आयुक्त खाद्य हरिमोहन श्रीवास्तव ने बताया कि जांच में दूध के तीन नमूने फेल हो गए। इनमें डिटर्जेंट मिला है, जो कि बेहद खतरनाक होता है। पनीर के दो नमूनों में से एक फेल हो गया। इसमें भी डिटर्जेंट की पुष्टि हुई है। इसके अलावा अरहर की दाल में कलर मिला। वैन में विश्लेषक अतुल भास्कर और विनोद सिंह ने जांच की। इस दौरान वरिष्ठ खाद्य विश्लेषक अनूप चंद्र, मंडलीय फूड सेफ्टी ऑफिसर प्रशांत श्रीवास्तव, सोसाइटी के अध्यक्ष मुकेश मिश्रा, केके गुप्ता, नितिन सरावगी, अनिल चौधरी, संजय अग्रवाल, अनूप गर्ग, दिनेश टकसारी, आलोक अग्रवाल, विजय गेड़ा मौजूद रहे।
किडनी से लेकर लिवर तक डैमेज हो सकता
फिजीशियन डॉ. राजीव जैन ने बताया कि डिटर्जेंट मिला दूध पीने से लिवर, किडनी डैमेज हो सकती है। इसके अलावा ये रक्त में पहुंचकर हीमोग्लोबिन को तोड़ देता है, इससे खून की कमी हो सकती है। दिमाग पर भी असर होता है। शरीर सुस्त पड़ जाता है। आंखों की रोशनी भी कम हो सकती है। हड्डियां भी कमजोर हो जाती हैं। पाचन तंत्र खराब हो सकता है।
आज स्वामीपुरम कॉलोनी पहुंचेगी मोबाइल वैन
अभियान के दूसरे दिन बुधवार की शाम पांच बजे एफडीए की मोबाइल वैन स्वामीपुरम कॉलोनी पहुंचेगी। यहां पर भी खाद्य पदार्थों की नि:शुल्क जांच की जाएगी। 10 मिनट में ही सैंपलों की जांच कर रिपोर्ट दे दी जाएगी। वहीं, सहायक आयुक्त खाद्य ने बताया कि किसी भी प्रकार की मिलावट की शिकायत अथवा मोबाइल वैन से नमूनों की जांच कराने के लिए 9415557998 नंबर पर फोन कर सकते हैं।