झांसी। थाना प्रेमनगर इलाके में गले में फंदा कसने से आशा कार्यकर्ता की मौत हो गई। मृतका के पिता ने ससुरालियों पर दहेज की खातिर हत्या का आरोप लगाया। पुलिस घटना की पड़ताल में जुटी हुई है।
थाना लहचूरा के ग्राम खंदरका निवासी सूरज सिंह की पुत्री सविता देवी (36) की शादी 14 जून 2003 को प्रेमनगर के तुलसी नगर में रहने वाले ड्राइवर मंगल सिंह उर्फ दीपू के साथ हुई थी। सविता ग्राम खंदरका में स्वास्थ्य विभाग में आशा कार्यकर्ता के पद पर तैनात थी। उसके दो बेटे हैं। शनिवार शाम तकरीबन चार बजे उसकी गले में फंदा कसने से मौत हो गई। मृतका के पिता सूरज सिंह ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही उसकी पुत्री को ससुराली तीन लाख रुपये दहेज की खातिर परेशान करने लगे थे। आए दिन उसके साथ बेरहमी से मारपीट की जाती थी। लेकिन, बेटी का घर न उजड़े, इसके लिए पुलिस से कभी शिकायत नहीं की। पिता ने आरोप लगाया कि भाई दूज पर उसका बेटा मंगल बहन से टीका कराने उसकी ससुराल गया था। लेकिन, उसे ससुराल के लोगों ने गालियां देकर भगा दिया। इसके बाद बेटी की मौत की सूचना मिली। पिता ने पुलिस से ससुरालियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की गुहार लगाई।
इस मामले में प्रेमनगर पुलिस का कहना है कि घटना स्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि युवती के पिता और भाई के बीच विवाद हुआ था। इससे नाराज होकर वो घर के ऊपर वाले कमरे में चली गई थी। कमरे का दरवाजा तोड़कर लाश को बाहर निकाला गया। हालांकि, मौत की सही वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। पुलिस पड़ताल में जुटी हुई है।