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माताटीला बांध के सभी गेट बंद

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झांसी। बारिश के तीन दिन बाद अब झांसी मंडल में पानी का दबाव कम होना शुरू हो गया। पानी कम हो जाने से बुधवार सुबह नौ बजे माताटीला बांध के सभी बीस गेट बंद कर दिए गए। बुधवार को बांध से सिर्फ 453.07 क्यूसेक पानी ही छोड़ा गया। राजघाट में भी पानी की मात्रा में बढ़ोतरी नहीं हुई। इससे पानी आगे के लिए नहीं छोड़ा गया।
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तीन दिन पहले झांसी समेत बेतवा नदी के कैचमेंट इलाके में अत्याधिक बारिश होने के नाते माताटीला बांध में काफी पानी पहुंचा। बांध से निर्धारित स्तर के बाद पानी बाहर निकालने के लिए बीस गेट आठ फीट की ऊंचाई पर खोलने पड़े हालांकि मंगलवार देर-रात तक इनकी ऊंचाई घटाकर दो फीट कर दी गई थी। अधिशासी अभियंता मो.फरीद के मुताबिक सुबह नौ बजे जलस्तर काफी कम हो जाने के बाद सभी गेट बंद कर दिए गए। सिंचाई विभाग के आंकड़ों के मुताबिक माताटीला बांध से 453.07 क्यूसेक पानी बेतवा नदी में छोड़ा गया। वहीं, ढुकुवां डैम से 819. 62 क्यूसेक, पारीछा डैम से 2123 क्यूसेक पानी बेतवा में छोड़ा गया। वहीं, डोंगरी बांध के भर जाने से पहूंज नदी में पानी छोड़ा गया। अभियंताओं का कहना है बुधवार को पानी मिलने की रफ्तार काफी कम हो गई। नोट घाट पर बुधवार को बेतवा नदी का जलस्तर खतरे के निशान 205 मीटर के बजाए 193.70 मीटर पर बह रहा था। बेतवा का जल स्तर भी कम हो गया।
जान की परवाह किए बगैर डैम में गेट के समाने जमा हुए सैलानी
नदियों में भारी मात्रा में पानी आने से जहां सभी जगह हालत बेकाबू हो रहे हैं। डोंगरी बांध भरने के बाद पहूंज नदी में पानी छोड़ा जा रहा है। पहूंज बांध का जलस्तर भी बढ़कर 231.71 मीटर तक हो चुका। पानी बाहर निकालने के लिए दो गेट दो फीट की ऊंचाई पर खुले हुए हैं लेकिन, इसके बावजूद सैलानी अपनी जान को खतरे में डालने से नहीं चूक रहे। बुधवार को सैकडा़ें की संख्या में सैलानी न सिर्फ डैम पहुंच गए बल्कि सुरक्षा की परवाह किए बगैर ठीक डैम के गेट के सामने पहुंचकर नहाने लगे। अचानक से अगर पानी निकालने के लिए गेट खोलने पड़ते तब यहां किसी बड़े हादसा से इंकार नहीं किया जा सकता। सुरक्षा के लिए यहां किसी पुलिसकर्मी की भी तैनाती नहीं की गई है।
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