झांसी। प्रदेश की सत्ता हासिल करने के लिए समाजवादी पार्टी में चुनावी गतिविधियां तेज होे गई हैं। बुंदेलखंड में पार्टी को इस बार अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। इसके लिए पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव के लगातार दौरे जारी हैं। झांसी और ललितपुर में भी उनका संभावित चुनावी दौरा तय हो गया है। वह दो दिसंबर को ललितपुर व तीन दिसंबर को झांसी में रहेंगे। झांसी से वह चिरगांव व मोंठ विजय रथ यात्रा लेकर जाएंगे। दोनों जगह उनकी जनसभा होंगी।
बुंदेलखंड में आजादी के कई दशकों तक कांग्रेस का एक छत्र राज रहा है। यहां पर 80 के दशक के बाद राजनीतिक बदलाव की शुरुआत हुई। भाजपा, बसपा व सपा ने अलग- अलग समीकरणों के साथ खुद को प्रदेश में मजबूत किया। उस समय मुलायम सिंह यादव ने सपा का गठन कर यादव व मुस्लिम गठजोड़ को अमली जामा पहनाना शुरू किया, जिसका उनको भरपूर लाभ मिला। प्रदेश में 2012 में सपा की सरकार बनी थी। इस चुनाव में पार्टी ने बुंदेलखंड से सर्वाधिक छह सीटें जीती थीं, लेकिन 2017 के अगले चुनाव में पार्टी एक भी सीट नहीं जीत सकी। कभी ऐसा मौका नहीं रहा जब सपा ने बुंदेलखंड में दूसरे दलों का पत्ता साफ कर दिया हो।
आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी को बुंदेलखंड में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। यह उम्मीद ज्यादा से ज्यादा सीटें दिला सके, इसके लिए पार्टी नेताओं ने एड़ी चोटी का जोर लगाना शुरू कर दिया है। बुंदेलखंड में पार्टी अध्यक्ष विजय रथ यात्रा लेकर निकल चुके हैं। उन्होंने पिछले महीने हमीरपुर, महोबा और जालौन में जनसभाएं की थीं। अब वह दो और तीन दिसंबर को क्रमश: ललितपुर व झांसी में रहेंगे। दो दिसंबर को झांसी में रात्रि विश्राम के दौरान वह स्थानीय नेताओं में तालमेल बनाने का काम करेंगे। स्थानीय स्तर पर जो गुटबाजी हावी है उसे दूर करने का प्रयास होगा। जातीय समीकरण का ध्यान रखकर टिकट वितरण को लेकर बात होगी। तीन दिसंबर को वह झांसी से विजय रथ पर सवार होकर पहले चिरगांव और फिर मोंठ पहुंचकर जनसभा करेंगे। उनके इस दौरे को लेकर नेताओं ने तैयारियां शुरू कर दी है। जनसभा में भीड़ जुटाने के लिए ब्लॉक स्तर पर नेताओं को काम बांट दिए गए हैं।
- पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव का दो दिसंबर को ललितपुर व तीन दिसंबर को झांसी में कार्यक्रम संभावित है। झांसी से वह विजय रथ यात्रा लेकर चिरगांव व मोंठ जाएंगे। दोनों जगह जनसभाएं होंगी।
डॉ. चंद्रपाल सिंह यादव, पूर्व सांसद।