प्रधानमंत्री के झांसी आगमन पर किले की तलहटी में लगाई गई थी यह मिसाइलें। अमर उजाला
झांसी। दुश्मन को उसकी धरती पर जाकर नेस्तनाबूद करने वाली आकाश मिसाइल का निर्माण झांसी में होगा। भारत डायनामिक्स लिमिटेड यहां एरच में इकाई की स्थापना करेगी। अगले साल यूनिट निर्माण का काम शुरू हो जाएगा। कंपनी यहां 400 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।
आकाश मिसाइल भारतीय सेना की बड़ी ताकत मानी जाती है। ये जमीन से हवा में 18 किलोमीटर (59,000 फुट) तक की ऊंचाई पर टारगेट को भेदने में सक्षम है, जबकि जमीन से जमीन पर 30 किमी की दूरी पर स्थित दुश्मन के ठिकाने को नेस्तनाबूद कर सकती है। इसे डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) द्वारा विकसित किया गया है। जबकि, इसका निर्माण रक्षा मंत्रालय के उपक्रम भारत डायनामिक्स लिमिटेड (बीडीएल) द्वारा किया जा रहा है। दुश्मन पर जमीन और हवा में वार करने वाली इस मिसाइल का निर्माण झांसी में होगा। 400 करोड़ रुपये की लागत से बीडीएल यहां उत्पादन इकाई लगाएगी। इसकी आधारशिला 19 नंबर को झांसी आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी थी। ये इकाई झांसी के गरौठा तहसील के कस्बे एरच के पास 185 हेक्टेअर भूमि पर स्थापित की जाएगी। ये जमीन उत्तर प्रदेश विकास प्राधिकरण (यूपीडा) द्वारा किसानों से ली जा चुकी है। यूपीडा जमीन बीडीएल को हस्तांतरित करेगा। इसे लेकर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। बीडीएल की ओर से प्रस्तावित जमीन का सर्वे कर लिया गया है। अगले साल इकाई की स्थापना का काम शुरू हो जाएगा।
भारत डायनामिक्स लिमिटेड की इकाई की स्थापना के संबंध में शासनादेश जारी हो गया है। यहां कंपनी आकाश मिसाइल बनाएगी। जमीन पहले से ही यूपीडा द्वारा ली जा चुकी है। अगले साल बीडीएल की यूनिट की स्थापना का काम शुरू हो जाएगा।
- मनीष चौधरी, उपायुक्त - उद्योग