झांसी। झांसी में हवाई अड्डा निर्माण की बड़ी बाधा दूर हो गई है। हवाई पट्टी के विस्तारीकरण के लिए चिह्नित की गई जमीन के स्वामियों ने अपनी जमीन देने पर सहमति जता दी है। इसके साथ ही प्रशासन ने आगामी छह माह में नागरिक उड्डयन सेवा शुरू करने की तैयारी कर ली है।
झांसी में हवाई अड्डे की स्थापना की पिछले डेढ़ दशक से जारी कवायद अब पूरी होती नजर आ रही है। ग्वालियर रोड पर सेना की हवाई पट्टी का विस्तार कर हवाई अड्डे की स्थापना की जानी है। वर्तमान में हवाई पट्टी पर स्थित रनवे की लंबाई 1200 मीटर है। नागरिक विमान सेवा प्रारंभ करने के लिए 1500 मीटर लंबे रनवे की आवश्यकता होगी। इसके अलावा टर्मिनल व पार्किंग एरिया भी बनाना होगा। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने हाल ही में ललितपुर में एयरपोर्ट की स्थापना को मंजूरी दी है। इसके साथ ही झांसी में हवाई अड्डे की स्थापना की कार्यवाही ने जोर पकड़ लिया था।
विस्तारीकरण के लिए हवाई पट्टी से सटे सिमरधा मौजा की पंद्रह एकड़ जमीन चिह्नित की गई थी, जिस पर 27 मकान भी बने हुए हैं। सिमरधा के ग्रामीण उनकी जमीन न लिए जाने का लगातार विरोध कर रहे थे। ये हवाई अड्डे के निर्माण की बड़ी बाधा थी। मंगलवार को प्रशासन ने इसे दूर कर लिया है। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हुई बैठक में जमीन व मकान के स्वामियों ने हवाई अड्डे के निर्माण के लिए अपनी जमीन व मकान देने पर सहमति जता दी। उन्हें सर्किल रेट के हिसाब से जमीन की कीमत अदा की जाएगी। प्रशासन की काम पूरा कर छह माह में नागरिक उड्डयन सेवा प्रारंभ करने की तैयारी है।
हवाई पट्टी के विस्तारीकरण के लिए पंद्रह एकड़ जमीन चिह्नित की गई थी, जिसमें 27 मकान भी बने हुए हैं। सिमरधा के निवासियों ने उक्त मकान व जमीन क्रय करने पर सहमति जता दी है। छह माह के भीतर नागरिक उड्डयन सेवा शुरू कर दी जाएगी। ये योजना सरकार की प्राथमिकता में है।
- आंद्रा वामसी, जिलाधिकारी
एनएचएआई से भी लेनी है जमीन
झांसी। हवाई पट्टी के नजदीक नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) की भी जमीन है। एनएचएआई को इस जमीन पर फ्लाईओवर का निर्माण करना था। लेकिन, सेना की आपत्ति की वजह से फ्लाईओवर का काम पिछले चौदह सालों से अटका हुआ है। ये जमीन भी हवाई पट्टी के विस्तार के लिए ली जानी है। इसे लेकर कार्यवाही शुरू कर दी गई है।