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बीएएमएस परीक्षा के बाद कॉपियों में होगी ‘हैश टैग’ की जांच

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झांसी। पिछले साल बीएएमएस छात्र-छात्राओं की परीक्षा में ‘हैश टैग’ समेत विशेष चिह्न बनाकर फर्जीवाड़ा करने का मामला सामने आने के बाद अब बुंदेलखंड विश्वविद्यालय प्रशासन अलर्ट हो गया है। इस साल परीक्षा के बाद कॉपी जमा करते समय चिह्न बनाया गया है या नहीं, इसकी जांच की जाएगी। यदि किसी कॉपी में साइन बना मिलता है तो छात्र के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा स्वकेंद्र भी नहीं बनेगा।
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बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों की बीएएमएस की परीक्षाएं 10 नवंबर से शुरू होनी हैं। हालांकि, बीयू ने बीएएमएस बैच 2016 की मुख्य व पूरक परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। इसकी नई तारीख जल्द घोषित की जाएगी। चूंकि, पिछले साल बीएएमएस की परीक्षा के दौरान जबरदस्त फर्जीवाड़ा सामने आया था। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन इस बार बीएएमएस की परीक्षा को लेकर अलर्ट है। फिर से विशेष चिह्न बनाकर छात्र फर्जीवाड़ा न कर दें, ऐसे में बीयू प्रशासन ने परीक्षा के बाद कॉपियां जमा करते समय कक्ष निरीक्षक द्वारा जांच कराने का फैसला लिया है। बुंदेलखंड में तीन आयुर्वेदिक कॉलेज हैं। इनमें दो झांसी और एक बांदा में हैं। झांसी के दोनों कॉलेजों की परीक्षाएं बुंदेलखंड विश्वविद्यालय कैंपस में बने नवीन परीक्षा भवन में होती थी। जबकि, बांदा में स्वकेंद्र होता था। इस बार बीयू बांदा में भी स्वकेंद्र नहीं बनाएगा। किसी दूसरे कॉलेज में परीक्षा कराई जाएगी।
ये था मामला
बीयू से संबद्ध आयुर्वेदिक कॉलेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को कॉपियों में विशेष चिह्न बनाकर नंबर बढ़ाने के खेल का पर्दाफाश होने के बाद कुलपति ने जांच समिति गठित कर दी थी। समिति ने 3000 कॉपियों की पड़ताल की गई तो पता चला कि 653 कॉपियों में हैश टैग समेत विशेष चिह्न बनाए गए हैं। ये कॉपियां 180 छात्र-छात्राओं द्वारा लिखी गई। बुंदेलखंड के तीन आयुर्वेदिक कॉलेज के विद्यार्थियों की कॉपियों में चिह्न मिलने के बाद यूएफएम समिति को कार्रवाई के लिए उत्तर पुस्तिकाएं भेज दी गई। समिति की सिफारिश के बाद मामले को परीक्षा समिति में ले जाया गया। वहां निर्णय होने पर बीयू ने 140 छात्र-छात्राओं का रिजल्ट निरस्त कर दिया है।
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इस बार बीएएमएस छात्र-छात्राओं की परीक्षा के बाद कक्ष निरीक्षक उत्तर पुस्तिकाओं की जांच करेंगे। देखा जाएगा कि किसी छात्र ने कॉपियों में विशेष चिह्न तो नहीं बनाया है। इसके अलावा बांदा के कॉलेज को स्वकेंद्र नहीं बनाया जाएगा। किसी दूसरे केंद्र में परीक्षा कराई जाएगी। - प्रो. जेवी वैशम्पायन, कुलपति, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय।
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