झांसी। झांसी में सात साल बाद फिर से मानसून औसत वर्षा का आंकड़ा छू सकता है। जिले में अब तक 550 मिलीमीटर पानी गिर चुका है। जबकि, एक महीने में 300 मिलीमीटर बारिश की जरूरत है। मौसम विभाग ने पूरी बारिश होने की संभावना जताई है।
झांसी पानी के बड़े संकट से जूझता है। हाल ही में अटल भूजल योजना के अंतर्गत मऊरानीपुर और बबीना ब्लाक भूजल के लिहाज से सेमी क्रिटिकल जोन में शामिल किए गए हैं। मोंठ के अन्य ब्लॉकों की स्थिति भी कमोवेश ठीक नहीं है। आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले सात साल से झांसी में मानसून रूठा चल रहा है। लोग अपनी जरूरत पूरी करने के लिए भूजल का अंधाधुंध दोहन कर रहे हैं। इससे भूजल स्तर भी लगातार कम हो रहा है। इस साल भी मानसूनी बारिश शुरू होने के बाद वर्षा बिल्कुल थम गई। इससे सूखे का डर सताने लगा। मगर अगस्त की शुरूआत में झमाझम बरसात होने से आंकड़ों में सुधार हुआ है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. मुकेश चंद्र ने बताया कि झांसी में औसतन 850 मिलीमीटर बारिश होती है। जून से अब तक 550 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। शेष बची 300 मिलीमीटर बारिश भी एक महीने में होने की संभावना है।
ये हैं आंकड़े
वर्ष बरसात
2013-14 1300.8
2014-15 542.77
2015-16 470.30
2016-17 561.11
2017-18 391.33
2018-19 710.17
2019-20 562.22
2020-21 402.58
(नोट: बारिश मिलीमीटर में।)