झांसी। झांसी ऑर्थोपेडिक क्लब ने एक से सात अगस्त तक चले बोन एंड ज्वाइंट सप्ताह के दौरान दुर्घटना के बाद प्रारंभिक इलाज देने के लिए 1600 लोगों को तैयार किया है। यह जानकारी सचिव डॉ. आरएस भदौरिया ने देते हुए कहा कि हादसे के बाद वाहन में मौजूद इमरजेंसी किट का इस्तेमाल करना चाहिए।
हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. पारस गुप्ता ने कहा कि स्कूलों में कार्यक्रमों के आयोजन के दौरान छात्रों ने भी कई सवाल किए। उन्हें बताया गया कि हादसे में किसी के पेट में कोई वस्तु घुस गई है तो उसे निकाले नहीं। खून का बहना रोकें। डॉ. अजय गुप्ता ने बताया कि हड्डी को मोटे कागज आदि वस्तु से बांध दें। डॉ. मनोज कनकने ने बताया कि दुर्घटना के बाद ह्रदय गति रुकने में चार मिनट का समय होता है। ऐसे में घायल को ह्रदय की तरफ छाती को मलते हुए जल्द अस्पताल पहुंचाएं। इस दौरान डॉ. कुणाल मिश्रा मौजूद रहे।