झांसी। यह सत्य है कि परमात्मा प्रकृति से परे हैं। उन पर प्रकृति के किसी भी मौसम का प्रभाव नहीं पड़ता है। लेकिन परमात्मा की भक्ति में मगन भक्त अपने इष्ट देवों को गर्मी से बचाने में लगे हुए हैं। महानगर के कई मंदिरों में देवी- देवताओं के लिए एसी एवं कूलर लगे हुए हैं। उन्हें नियमित चंदन का लेप किया जा रहा है। प्रसाद में सत्तू तथा ठंडे फलों को अर्पण किया जा रहा है।
मई में गर्मी तेज होने लगी है। ऐसे में भक्तों ने मंदिरों में व्यापक प्रबंध किए हुए हैं। श्री सिद्धेश्वर मंदिर में माता पीतांबरा, गायत्री माता के मंदिर में एसी लगे हैं। वहीं हनुमान जी, शनि देव के मंदिर में कूलर लगाए गए हैं। आचार्य हरिओम पाठक के अनुसार भगवान को सत्तू का प्रसाद लगाया जा रहा है। उन्हें सूती वस्त्रों की पोशाकें पहनाई जा रहीं हैं।
कुंज बिहारी मंदिर में कपूर मिला कर चंदन का लेप भगवान को किया जा रहा है। खस के इत्र से उनकी मालिश की जाती हैं। महंत राधा मोहन दास जी महाराज ने बताया कि भगवान की आरती फूलों से की जाती है। साथ ही हर मंगलवार को मंदिर में भव्य फूल बंगला भी सजाया जाता है। भगवान को सत्तू के अलावा श्रीखंड, बेल की ठंडाई आदि का भी प्रसाद लगाया जाता है। मुरली मनोहर मंदिर के भक्त हर्षल गोलवलकर ने बताया कि नौतपा से मंदिर में चंदन उत्सव का आयोजन होगा। अक्षय तृतीया पर भगवान को पना व सत्तू का प्रसाद लगाया गया था। इधर महानगर के श्री रघुनाथ जी महाराज मंदिर सहित कई अन्य शिवालयों में भी भक्तों ने एसी एवं कूलर के प्रबंध किए हुए हैं।