झांसी। इटावा के सैफई में स्थापित बालक हॉकी छात्रावास को सरकार द्वारा झांसी स्थानांतरित किया गया है। जिससे शहर के हॉकी खिलाड़ियों में खुशी की लहर दौड़ी है। छात्रावास में 27 खिलाड़ियों के रहने की व्यवस्था होगी।
झांसी को हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की कर्मस्थली कहा जाता है। हॉकी के दम पर ही कई खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शहर का नाम रोशन किया है। छात्रावास नहीं होने के कारण हॉकी खिलाड़ियों को अन्य शहरों का रुख करना पड़ता था। खिलाड़ियों द्वारा सालों से छात्रावास की मांग की जा रही थी। मांग पर अमल करते हुए सरकार द्वारा सैफई के छात्रावास को झांसी स्थानांतरित कर दिया है। जिससे हॉकी खिलाड़ियाें में खुशी का माहौल है। सरकार के फैसले से खिलाड़ियों ने एक दूसरे को बधाई दी।
छात्रावास नहीं होने के कारण बुंदेलखंड से हॉकी का अस्तित्व धीरे-धीरे समाप्त हो रहा था। स्टेडियम में छात्रावास आने से खिलाड़ी नई ऊर्जा के साथ खेलेंगे।
अब्दुल अजीज, पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी
छात्रावास के लिए खिलाड़ियों द्वारा सालों से मांग की जारी थी। काफी समय बाद मांग को पूरा कर दिया गया है। जिसको लेकर हॉकी खिलाड़ियों में खुशी का माहौल है।
बृजेश कुशवाहा, राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी
सुविधाओं के अभाव में झांसी से हॉकी के खिलाड़ियों में लगातार कमी हो रही थी। छात्रावास आने से हॉकी खिलाड़ियों में बढ़ोतरी होगी।
अजय, हॉकी खिलाड़ी
मेजर ध्यानचंद जैसी हस्ती ने दुनिया भर में झांसी का नाम रोशन किया है। हॉकी का छात्रावास नहीं होेने के कारण खिलाड़ियों में काफी मायूसी थी।
रिषभ गुप्ता, हॉकी खिलाड़ी
हॉस्टल नहीं होने के कारण शहर के खिलाड़ियों को दूसरे शहरों की ओर रुख करना पड़ता था। लेकिन अब छात्रावास आने सेे खिलाड़ियों के खेल में निखार आएगा।
रूपेंद्र, हॉकी खिलाड़ी
छात्रावास का नहीं होना हॉकी खिलाड़ियों के लिए काफी दुखद था। लंबे इंतजार के बाद हॉकी खिलाड़ियों के चेहरे पर खुशी का माहौल है।
एहतेशाम अली, हॉकी खिलाड़ी