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झांसी में महंगी हुई खेती, किसान अन्ना पशुओं से फसल बचाने को कर रहे तारबंदी

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झांसी/ललितपुर। सरकार भले ही किसानों की आय दोगुनी करने की बात कर रही है, खेती करने के लिए किसानों को तमाम सहूलियत दे रही है, लेकिन बुंदेलखंड में खेती करना आसान नहीं है। यहां अन्ना जानवर किसानों के लिए नासूर बनते जा रहे हैं। ऐसे में फसलों को बचाने के लिए किसान खेतों के चारों ओर तार-एंगल या जाली लगाने को मजबूर हैं, लेकिन हालात ये हैं कि एक एकड़ खेत में तार लगाने का खर्च 40 से 50 हजार रुपये आ रहा है जो कि एक एकड़ में उपजे गेहूं के उत्पादन की कीमत से कहीं ज्यादा है।
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झांसी और ललितपुर में केवल बीज, खाद, जुताई और सिंचाई पर ही खर्च नहीं होता बल्कि यहां फसलों को अन्ना पशुओं से बचाने के लिए फेंसिंग करनी पड़ती है। जिस खेत पर भी फेंसिंग नहीं होगी वहां अन्ना पशु फसलों को तबाह कर देते हैं। तारबंदी पर भी किसानों का मोटा खर्च हो जा रहा है। लुहारी गांव के किसान उमेश चंद कुशवाहा और धनीराम कुशवाहा बताते हैं कि प्रति एकड़ करीब 40 से 50 हजार रुपये का अतिरिक्त खर्चा करना पड़ रहा है। पांच एकड़ तक खेत पर दो से ढाई लाख रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। रबी की फसल की कटाई का आखिरी समय चल रहा है। कुछ ने जायद की फसल के लिए बुवाई शुरू कर दी है लेकिन फसल को बचाने के लिए तार फेंसिंग कर रहे।
पत्थर और बबूल के कांटें डालकर भी नहीं बचा पा रहे फसल
झांसी। कुछ किसान लकड़ी और पत्थरों को जमीन पर कटीले तार बांध कर फसल की रखवाली कर रहे हैं इसमें भी 15 से 20 हजार रुपया प्रति एकड़ का खर्च आ रहा है। वहीं, जिनके पास साधन नहीं हैं वह किसान बबूल के काटें डालकर जानवरों से खेत बचा रहे हैं, इन सबके बाद भी किसानों को रात में फसल की रखवाली के लिए खेतों पर ही रहना पड़ रहा है।
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लोहा भी हुआ महंगा, 72 से 95 रुपये किलो मिल रहा
झांसी। खेतों में फेंसिंग के लिए लोहे का तार बाजार में 95 रुपये प्रति किलो मिल रहा है। कटीले तार चार लेयर में 250 रुपये फिट है। किसान ऋतुराज सिंह और रूप सिंह बताते हैं कि फेंसिंग के दौरान जमीन में मजबूती से गाड़ने और अन्ना जानवरों को रोकने के लिए साढ़े छह फुट क े लोहे के मोटे एंगल खरीदना किसानों की मजबूरी बन चुकी है। डेढ़-दो महीने पहले लोहा तकरीबन 70-72 रुपये किलो था।
(इस तरह हो रहा खर्च)
-एक एकड़ में गेहूं की बुवाई पर तकरीबन कुल खर्च 18 से 20 हजार
- फसल में चार बार पानी लगाने का खर्च 8 हजार रुपये
-एक एकड़ में खाद पर खर्च (डेढ़ बोरी) 1800 से 2000
-फसल की कटाई 3000 रुपये
-फसल की मढ़ाई का खर्च मजदूरी सहित 2000 से 3000 रुपये
-एक एकड़ से कुल उत्पादन तकरीबन 20 क्विंटल
-20 क्विंटल गेहूं की बिक्री से कमाई 35 से 40 हजार रुपये
-एक एकड़ खेत पर तारों व एंगल की फेंसिंग 40 से 50 हजार रुपये
-लकड़ी और पत्थरों पर लगा कटीले तार की फेंसिंग 15 से 20 हजार का खर्च
बोले किसान-फेंसिंग से फसल की लागत बढ़ रही
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लोहा महंगा होने से तार फेंसिंग की लागत बहुत बढ़ गई है। फसल की लागत काफी बढ़ रही है, किसानों को ऐसे सामान पर सब्सिडी दी जानी चाहिए। -गिन्नी राजा
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अपने खेत की पक्की तार फेंसिंग करना चाहते थे लेकिन क्या करें फसल के दाम घट रहे हैं और लोहे के रेट बढ़ रहे हैं। फसल की रखवाली के लिए खेत पर रात गुजारनी पड़ती है। -हरदेव सिंह
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खेत में लकड़ी लगाकर तार बांध देते हैं इसके बाद भी अन्ना जानवर फसल खा जाते हैं। इससे काफी नुकसान हो रहा। कटीले तारों को बांधने में भी 34-40 हजार रुपये प्रति एकड़ का खर्चा आ रहा।
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-रूप सिंह
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