झांसी। महानगर में सैर सपाटे के लिए एक और जगह बढ़ने वाली है। स्मार्ट सिटी के तहत आठ करोड़ रुपये की लागत से किले के चारों ओर बालू के पाथ-वे का निर्माण किया जा रहा है। ये आगामी चार माह में बनकर तैयार हो जाएगा।
वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की गौरव गाथा के चलते झांसी का किला पर्यटकों के लिए हमेशा से ही आकर्षण का केंद्र रहा है। इसके अलावा भारी संख्या में स्थानीय लोग भी यहां सैर-सपाटे के लिए आते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए हाल ही में किले में डिजिटल लाइट एंड साउंड शो शुरू किया गया है। इसके अलावा किले के बाहर रंगबिरंगी लाइटें लगाई गईं हैं। अब किले के चारों ओर साढ़े तीन किलोमीटर लंबे पाथ-वे का निर्माण किया जा रहा है। ये ढाई से तीन मीटर तक चौड़ा होगा। पाथ वे के निर्माण के लिए दोनों ओर एक-एक फुट की खंडों की पट्टी बनाई जा रही है, जबकि इसके बीच में बालू भरी जाएगी। लोग बालू पर चलकर पाथ-वे पर चहलकदमी करेंगे। इसका निर्माण सितंबर तक पूरा किए जाने की योजना है।
पैरों पर ही रहेगी रोशनी
झांसी। पुरातत्व विभाग के नियमों के अनुसार किसी की संरक्षित इमारत के पास खंभे खड़े नहीं किए जा सकते हैं। इससे इमारत की सुंदरता प्रभावित होती है। इसे ध्यान में रखते हुए पाथ वे पर विशेष प्रकार की लाइटें लगाई जा रही हैं। इसकी रोशनी पाथ-वे पर चलने वाले लोगों के पैरों पर ही पड़ेगी।
पाथ-वे का निर्माण आगामी चार माह में पूरा कर लिया जाएगा। इसके बन जाने से महानगर के लोगों को सैर-सपाटे के लिए नया स्थान मिल जाएगा। इसके अलावा बाहर से आने वाले पर्यटकों को भी ये पसंद आएगा।
- रामतीर्थ सिंघल, महापौर