पहली ही बारिश में शहर हुआ पानी-पानी
ललितपुर।
मानसून की पहली बारिश ने दस्तक दे दी है और नगर पालिका परिषद ने विभिन्न वार्डों में होने वाले जल भराव से निपटने के लिए अभी तक कोई पूर्व तैयारी नहीं की है। केवल नालियों की सफाई कराकर औपचारिकता निभाई जा रही है। मंगलवार को हुई झमाझम बारिश के बाद नगर के कई मोहल्ले जल भराव के कारण तालाब में तब्दील हो गए। ऐसी स्थिति में नागरिकों को गत वर्षों की भांति जल भराव चिंता सताने लगी है।
नगर पालिका परिषद ने गंदे पानी की निकासी के लिए नाला व नालियों का निर्माण कराया है, इसके बाद भी बारिश के पानी से होने वाले भराव की समस्या का स्थायी निदान नहीं हो सका है। इसकी मुख्य वजह जगह-जगह नाला, नालियों पर फैला अतिक्रमण है। मुुहल्ला आजादपुरा प्रथम, द्वितीय, तृतीय, तालाबपुरा, गोविंदनगर, गांधीनगर पुरानी आईटीआई के पास, चंडीमाता मंदिर के पीछे, राजपूत कालोनी, बी केबिन चांदमारी के पास, नेहरू नगर हड्डी मील, सिवनी मुहल्ला मां काली मंदिर के पास, पुराना सदर कांटा, फल बाजार के पास, ललित टाकीज के पास थोड़ी सी ही बारिश में जल भराव हो जाता है। झमाझम बारिश में तो आसपास की दुकानों तक में पानी घुस जाता है। गत दिवस जिले में हुई बारिश के बाद तो कई जगह नालियां उफना गई।
आजादपुरा तृतीय आयुर्वेदिक अस्पताल वाली गली पानी से लबालब हो गई। कई क्षेत्र ऐसे हैं जहां हर वर्ष बारिश का पानी भर जाता है। गोविंद नगर में अनिल साहू के मकान के पास सड़क पर नाली का गंदा भरता है। बारिश के समय सड़क पर दो फुट पानी जमा हो जाता है। इसके अतिरिक्त खाली प्लाट भी समस्या बने हुए हैं। प्लाटों में निकासी के अभाव में बारिश का पानी भर जाता है, जिससे आसपास के घरों में सीलन की समस्या उत्पन्न हो जाती है। वहीं, संक्रामक बीमारियों के फैलने का भी खतरा बढ़ जाता है। नगर पालिका परिषद एक दो जगह स्थानों को छोड़कर अन्य चिह्नित क्षेत्रों में अभी तक जल भराव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं कर पाई है। सोनी मिलन के पास नाले में साइफन का निर्माण कराया गया है तो कैलगुवा तिराहे के पास नाली निर्मित की गई है। बाकी अन्य स्थानों पर समस्या जस की तस बनी हुई है। आने वाले दिनों में मानसून की बारिश होने पर जल भराव बड़ी समस्या बनने वाली है, इसके लिए नगर पालिका परिषद तैयार नहीं है, जिससे स्थानीय निवासियों के चेहरे पर चिंता की लकीरें देखी जा सकती हैं।
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कैप्सन सोहिब अली
नालियों की सफाई जरूरी
हल्की बारिश में ही सड़कों पर नाली का गंदा पानी भर जाता है। कुछ समय बाद पानी वापस बहकर नालियों में पहुंच जाता है, लेकिन सड़कों पर कीचड़ बना रहता है, जिससे आने जाने में काफी दिक्कत होती है। यहां की नालियों की सही तरीके से सफाई नहीं हो रही है। नगर पालिका परिषद को ध्यान देने की जरूरत है।
सोहिब अली, गोविंदनगर
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फोटो 13
कैप्सन खातून
नाली बनने से बढ़ी समस्या
नाली के बन जाने से जल भराव की समस्या कम होने की जगह बढ़ गई है। पहले बारिश का पानी बहकर खेतों में यहां वहां चला जाता था लेकिन अब पानी नाली में रहता है। जब नाली में बारिश का पानी बढ़ जाता है तो घरों में घुसने लगता है। घर के पश्चिमी छोर के दरवाजे की पट्टी ऊंची कर ली है लेकिन पूर्व के दरवाजे में पानी के घुसने की समस्या आज भी बरकरार है। यूनिस के घर के पास तक बारिश का पानी सड़क पर भर जाता है।
खातून, गोविंदनगर
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फोटो 16
कैप्सन सनत कुमार जैन
नाले पर अतिक्रमण से हो रहा जलभराव
सत्रह फुट का नाले पर अतिक्रमण होने से अब वह सिकुड़कर तीन फीट रह गया है। नई बस्ती, लेड़ियापुरा का पानी इसी नाले में आता है। जब बारिश होती है तो नाला उफना जाता है। समरथ सिंह के घर में बारिश का पानी घुस जाता है। वहीं, सड़क पर करीब दो से तीन फीट पानी जमा हो जाता है। कई बार विभागीय अफसरों से शिकायत की जा चुकी है लेकिन इसका समाधान नहीं हो सका है।
सनत कुमार जैन, तालाबपुरा
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फोटो 15
कैप्सन रामबाई
नालियों की नहीं होती सफाई
गोपी पहलवान के मकान के पास व दुर्गा मंदिर के सामने बारिश का पानी भर जाता है। नालियों की रोजाना सफाई नहीं की जाती है। जिससे नालियों का पानी रुककर बहता है। जब बारिश होती है तो नालियां उफना जाती है और चारों तरफ पानी भर जाता है। यही हाल सामने की गली का है। पार्षद से कई बार इस समस्या को बताया लेकिन इसका निदान नहीं हो सका।
रामबाई आजादपुरा
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प्राथमिकता से कराई जा रही सफाई
जल भराव की समस्या से निपटने के लिए नाली व पुलियों को प्राथमिकता से साफ कराया जा रहा है। इसके बाद भी यदि बारिश के दौरान जल भराव की समस्या बनती है तो सूचना मिलने पर पंप से उक्त क्षेत्र में भरे पानी की निकासी कराई जाएगी।
राकेश कुमार
अधिशासी अधिकारी
नगर पालिका परिषद, ललितपुर।