झांसी। जिले में कन्या सुमंगला योजना के 5,650 आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं। ये वे लोग थे, जो पात्र न होने के बाद भी योजना का लाभ लेना चाहते थे। जांच में खामियां पकड़े जाने के बाद इन सभी लोगों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।
बालिकाओं की शिक्षा में पैसा बाधा न बने, इसके लिए प्रदेश में अगस्त 2019 से मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना संचालित की जा रही है। योजना के तहत बालिकाओं के जन्म से लेकर उच्च शिक्षा हासिल करने तक समय-समय पर धनराशि प्रदान की जाती है। जिले में इस योजना के लिए 13,174 लोगों ने आवेदन किया था। लेकिन, जब जांच हुई तो इसमें 7,524 आवेदन ही सही पाए गए। शेष 5,650 आवेदनों को निरस्त कर दिया गया। निरस्त किए गए आवेदनों में से कई आवेदनकर्ताओं की सालाना आय तीन लाख रुपये से अधिक पाई गई तथा तमाम ऐसे भी लोग योजना का लाभ लेने के लिए आगे आए जिनकी दो से अधिक संतानें थीं। जांच में ये तथ्य सामने आने के बाद आवेदन पत्रों को निरस्त कर दिया गया।
1,909 को धनराशि का इंतजार
झांसी। जांच के बाद भले ही 7,524 आवेदन पत्रों को स्वीकृत कर लिया गया है, लेकिन अब तक योजना के तहत दी जाने वाली धनराशि की पहली किस्त 5,615 बालिकाओं के हिस्से में ही आई है। शेष 1,909 बालिकाओं को अब भी सरकार की ओर से मिलने वाली इमदाद का इंतजार है।
जन्म से ही शुरू हो जाती है मदद
झांसी। कन्या सुमंगला योजना के तहत बेटी के जन्म लेने पर 2,000 हजार रुपये की राशि प्रदान की जाती है। संपूर्ण टीकाकरण के बाद 1,000 रुपये, कक्षा एक में प्रवेश पर 2,000 रुपये, कक्षा छह में प्रवेश पर 2,000 रुपये, कक्षा नौ में प्रवेश पर 3,000 रुपये तथा कक्षा 10 या 12वीं पास करने के बाद किसी डिप्लोमा या डिग्री कोर्स में प्रवेश करने पर 5,000 रुपये की धनराशि प्रदान की जाती है। ये रकम बेटी और उसके अभिभावक के संयुक्त बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर की जाती है। पात्र होने की स्थिति में किसी भी स्टेज पर इस योजना से जुड़ा जा सकता है। जरूरी नहीं कि जन्म से ही जुड़ा जाएगा।
ऐसे करें आवेदन
झांसी। कन्या सुमंगला योजना का लाभ हासिल करने के लिए वे लोग ही आवेदन कर सकते हैं, जिनके परिवार की आय सालाना अधिकतम तीन लाख रुपये हो। उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना जरूरी है। दो बच्चों से अधिक नहीं होना चाहिए। दोनों बच्चियां हैं तो दोनों को लाभ मिल सकता है। दूसरा बच्चा जुड़वां है तो तीसरे को भी योजना का लाभ मिल सकता है। आवेदन जन सेवा केंद्र के जरिये किया जा सकता है। mksy.up.gov.in पर सीधे आवेदन भी कर सकते हैं।
सभी आवेदनों की तहसील स्तर पर पड़ताल की जाती है। योजना की पात्रता की शर्तें पूरी न करने वाले आवेदन निरस्त कर दिए जाते हैं। जिले में 5,650 आवेदन निरस्त किए जा चुके हैं। 5,615 बालिकाओं के हिस्से धनराशि आ भी चुकी है। अवशेष बालिकाओं की धनराशि भी जल्द आ जाएगी।
- नंदलाल सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी