झांसी। एक महीने तक चले स्ट्रॉबेरी महोत्सव का मंगलवार को समापन हो गया। अंतिम दिन स्ट्रॉबेरी उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए किसानों से विशेषज्ञों ने विस्तार से चर्चा की। स्ट्रॉबेरी की खेती से जिले के 50 किसानों को जोड़ने की योजना भी तय की गई है।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार में आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति अरविंद कुमार ने स्ट्रॉबेरी उत्पादन को बुंदेलखंड की धरती के लिए नया आयाम बताया। उन्होंने ऑर्गेनिक खेती को भी बढ़ावा देने की जरूरत बताई। विशिष्ट अतिथि बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति जेवी वैशम्पायन ने कहा कि यदि उद्देश्य एवं दृष्टिकोण सही हो तो कोई भी कार्य किया जा सकता है। उन्होंने स्ट्रॉबेरी को परिवर्तन का प्रतीक बताया।
जिलाधिकारी आंद्रा वामसी ने स्ट्रॉबेरी महोत्सव के जरिए झांसी को नई पहचान मिलने की बात कही और कहा कि मिश्रित फार्मिंग के तहत स्ट्रॉबेरी उत्पादन घर की छत पर भी हो सकता है। इस दौरान प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत चार किसानों को स्वीकृति पत्र दिए गए। कार्यक्रम में गुरलीन चावला, गुरदीप चावला, कमलेश लंबरदार, अविनाश भार्गव, अमित पांडेय समेत अन्य उपस्थित रहे।