झांसी। ग्रामीण बैंकों के सर्वोच्च संगठन अरेबिया के आह्वान पर सोमवार को ग्रामीण बैंक कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इस कारण झांसी और ललितपुर में बैंक से संबंधित करीब पचास करोड़ का कारोबार प्रभावित रहा। कर्मचारी बैंक में भारत सरकार की पचास प्रतिशत हिस्सेदारी प्रवर्तक बैंक को बेचने का विरोध कर रहे थे। उनका कहना था कि संघर्ष लगातार जारी रहेगा।
सोमवार को ग्रामीण बैंक कर्मचारी हड़ताल पर रहे। उत्तर प्रदेश ग्रामीण इंपलाइज यूनियन के क्षेत्रीय अध्यक्ष विकास श्रीवास्तव ने कहा कि बैंक कर्मचारी कई साल से संघर्ष कर रह हैं, लेकिन केंद्र सरकार उनकी मांगों को अनदेखा कर रही है। लेकिन, बैंक कर्मचारी संघर्ष से पीछे हटने वाले नहीं हैं। प्रमुख मांगों में प्रवर्तक बैंक से अलग कर राष्ट्रीय ग्रामीण बैंक की स्थापना की जाए, प्रवर्तक बैंक के समान समस्त भत्ते और सुविधाएं दी जाएं, समान प्रोन्नति नीति बनाई जाए, मित्रा कमेेटी के अनुरूप मैन पावर निर्धारित किया जाए। पेंशन की विसंगति दूर की जाए, कैजुअल वर्करों का नियमितीकरण किया जाए आदि मांगें शामिल थीं।
बैंक कर्मचारियों ने वित्त मंत्री को संबोधित ज्ञापन क्षेत्रीय प्रबंधक को सौंपा।
हड़ताल से झांसी और ललितपुर जिले की सभी अस्सी शाखाओं में कामकाज ठप रहा। इससे करीब पचास करोड़ रुपये के लेनदेन पर असर पड़ा। इस मौके पर यूनियन के क्षेत्रीय सचिव सौरभ तिवारी, कोषाध्यक्ष अरविंद कुशवाहा, क्षेत्रीय सचिव एसके मेहरा, रजनीश श्रीवास्तव, निहाल चंद्र शिवहरे, ऑफिसर एसोसिएशन की ओर से राकेश राय, पवन यादव, सभी सेवानिवृत्त कर्मचारी आदि मौजूद रहे।
संयुक्त ट्रेड यूनियन ने किया समर्थन
जिला संयुक्त ट्रेड यूनियन समन्वय समिति ने सीटू एवं अरेबिक के आह्वान पर हुई ग्रामीण बैंकों की हड़ताल का समर्थन किया। बैंक, रेलवे, एलआईसी, जलनिगम, जलसंस्थान, दूरसंचार, डाक विभाग, समेत अन्य विभागों में कर्मचारी विरोधी नीतियों, निजीकरण तथा किसानों के भारत बंद का समर्थन किया। संगठन ने पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग की।इस दौरान जेएन पाठक, अशोक महावर, रजनीश श्रीवास्तव, एस के मेहरा, सीपी भार्गव, रामचरन, हरीमोहन शर्मा, दिनेश नारायण श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे। एनसीआरएमयू के मंडल अध्यक्ष हुकुम सिंह और एआईबीओसी के जिला सचिव ज्ञानेंद्र मोहन अवस्थी ने ग्रामीण बैंक कर्मचारियों की मांगों का समर्थन किया।