महानगर में अवैध रूप से बसाई गईं कालोनियां झांसी विकास प्राधिकरण के लिए चुनौती साबित हो रहीं हैं। वर्षों गुजर जाने के बाद भी न तो यह कालोनियां नियमित हो सकीं और न ही यहां से कोई राजस्व प्राप्त हो सका है। इनके ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी नहीं हो सकी।
ऐसी एक दो नहीं बल्कि पूरी 34 कालोनियां हैं, जो पहाड़, पार्क, कृषि, हरित पट्टी, मार्ग या लघु उद्योग की जमीन पर बसी हुईं हैं। कुछ वर्षो पहले शासन ने ऐसी अवैध कालोनियों को नियमित करने की बात कही थी, लेकिन अब तक शासनादेश जारी नहीं हो पाया है।
शहर का विकास सुनियोजित तरीके से करने का जिम्मा झांसी विकास प्राधिकरण का होता है। जेडीए की अनदेखी के चलते शहर भर में बड़ी-बड़ी कालोनियां उन जमीनों पर बस गईं, जहां दूसरे प्रावधान किए गए थे। हरित पट्टी, पार्क, चिकित्सालय, खेल मैदान, धार्मिक स्थल, लघु उद्योगों आदि की जमीनों के 6,91,142 हेक्टेयर क्षेत्रफल में अवैध तरीके से कालोनियां बसा ली गईं हैं।
ई वर्ष पहले ऐसी 34 कालोनियां चिंहित की गई थीं। शुरू में तो इन्हें हटाने की बात चलती रही। लेकिन बाद में विनियमितीकरण के प्रयास शुरू हो गए, लेकिन अब तक कोई नतीजा सामने नहीं आया है। स्थिति यह है कि ये कालोनियां शान से जेडीए के सामने सीना ताने खड़ी हैं। आज तक इनके ऊपर कोई भी कार्यवाही नही की गई है। जिससे सरकार को सालों से राज्सव नही मिल पा रहा है।
ये हैं कालोनियां
महेंद्रपूरी कालोनी, ब्रह्मनगर, बौद्ध नगर, कलसी का बगीचा, इंद्रप्रस्थ नगर, दीनदयाल नगर, पुष्प विहार कालोनी, इकबाल नगर, कृष्णा नगर, राजगढ़, चंद्र विहार, थापक बाग इंद्रपुरी, अंजनीनगर, अन्नपूर्णा नगर, नगरिया कुआं, शिव कालोनी, डड़ियापुरा, शिवाजी नगर, मयूर विहार, गुमनावारा, महाराणा प्रताप नगर, कैमासन नगर, शक्ति नगर, तिलक नगर, कमला नगर कालोनी, गढ़िया गांव में अंबेडकरनगर, कृष्णा नगर, आजाद नगर, बिजौली में कृषि हरित पट्टी की जमीन, झांसी खास में खेल के मैदान व खुले स्थल पर बने मकान करगुवां, भगवंतपुरा व खैलार की हरित पट्टी की जमीन, लहरगिर्द का मार्ग व पहाड़ की जमीन पर निर्मित मकान रूंद पंचमहल में प्रखंडीय केंद्र प्रखंडीय पार्क व चिकित्सालय की जमीन पर बने आवास करारी की हरित पट्टी की जमीन पर बने मकान अवैध कालोनियों की सूची में शामिल हैं।
34 कालोनियां अनधिकृत घोषित की गईं थीं। इनके विनियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी करने के लिए शासन के दिशा निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है। आदेश के आते ही कार्यवाही की जाएगी।
-त्रिभुवन विश्वकर्मा, सचिव झांसी विकास प्राधिकरण