अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। स्मार्ट सिटी लिमिटेड के तहत लक्ष्मीताल के सुंदरीकरण पर 39.49 करोड़ रुपये खर्च हो गए मगर अभी भी यहां मोटर बोट नहीं चल पाई है। ताल में जलकुंभी भर गई है। अधिकारियों का कहना है कि एनजीटी में केस विचाराधीन होने से अभी टेंडर नहीं निकाला जा सका है। अब अगली तारीख में एनजीटी की ओर से आदेश जारी किया जाएगा।
स्मार्ट सिटी लिमिटेड के तहत 28 जून 2021 को लक्ष्मीताल के सुंदरीकरण का काम शुरू हुआ था। लक्ष्मीताल के चारों तरफ दो किलोमीटर की बाउंड्रीवाल की गई है। इसके अलावा, बोटिंग प्लाजा का निर्माण किया गया है। चार पार्क विकसित किए गए हैं। सीसीटीवी कैमरे और स्ट्रीट लाइटें भी लगाई गई हैं। ताल के बीचोंबीच रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा स्थापित की गई है। तीन जनवरी 2023 को काम पूरा हो गया था। उसके बाद करीब दो साल बीतने वाले हैं। अब तक ताल में मोटर बोट शुरू नहीं हो पाई है। पार्क का रखरखाव न होने से बड़ी-बड़ी घास उग आई है। ताल के पानी में जलकुंभी हो गई है।
स्मार्ट सिटी के एसीईओ मो. कमर ने बताया कि लक्ष्मीताल को लेकर दो साल पहले कुछ लोगों ने एनजीटी में केस दायर किया था। इसलिए ताल में मोटरबोट के संचालन का टेंडर नहीं निकाला जा सका। इस मामले में अगली तारीख 17 मार्च 2025 तय है। इस तिथि पर आदेश जारी हो सकता है। आदेश के आधार पर ही आगे की प्रक्रिया की जाएगी।
ये मुख्य कार्य कराए गए
ई-व्हीकल खरीदे गए
लोगों के लिए बोट खरीदी
आकर्षक लाइटों संग वॉटर फाउंटेन
बैठने के लिए बेंच बनाईं
चारों तरफ पाथ-वे बनाया