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तीन किमी लंबे टिड्डी दल ने लिया यू टर्न, झांसी आने की थी आशंका, अचानक पकड़ लिया दूसरा रास्ता

Wed, 27 May 2020 12:04 PM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
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टिड्डी दल - फोटो : पीटीआई
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राजस्थान से तीन किलोमीटर से अधिक लंबे टिड्डी दल के मंगलवार को झांसी आने की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन शाम तकरीबन चार बजे अचानक इन कीटों ने राजस्थान की हिंडन सिटी से धौलपुर-आगरा की ओर रुख कर लिया। जबकि, यहां दिन भर कीटों से निपटने के उपाय किए जाते रहे। 

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टिड्डी दल के नया रास्ता चुनने के बाद झांसी प्रशासन ने राहत की सांस ली। विशालकाय टिड्डी दल के मंगलवार को झांसी पहुंचने की संभावना के चलते यहां दिन भर प्रशासन अलर्ट रहा। खासतौर पर जलापूर्ति वाले स्थान पहूज बांध, सुकुवां-ढुकुवां बांध, पारीछा बांध, बड़वार झील, गढ़मऊ झील, बरुआसागर तालाब व अन्य सभी ऐसी जगहों पर कड़ी निगरानी रही। 

यहां दिन भर तेज आवाज में डीजे साउंड बजाए जाते रहे, ताकि टिड्डी दल शोर से भाग जाएं। साथ ही कीटों पर रसायन के छिड़काव के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी तैनात रहीं। दिन भर राजस्थान प्रशासन से टिड्डी दलों की लोकेशन ली जाती रही, लेकिन, शाम तकरीबन साढ़े चार बजे खबर आई कि टिड्डी दल राजस्थान की हिंडन सिटी से धौलपुर-आगरा की ओर आगे बढ़ गया। 
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इससे मंगलवार को उसके झांसी पहुंचने की संभावनाएं क्षीण हो गईं। इस खबर के आने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली। वहीं, किसान भी चिंतामुक्त हो गए। 



उप कृषि निदेशक कमल कटियार ने बताया कि अचानक बड़े टिड्डी दल ने अपना रुख धौलपुर-आगरा की ओर कर लिया। जबकि, एक छोटा दल मध्य प्रदेश के शिवपुरी के इर्दगिर्द आसमान में देखा गया है। इसके भी मंगलवार को झांसी पहुंचने की संभावना नहीं है। इसके बावजूद झांसी मे पूरी सतर्कता बरती जा रही है। 

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पिछले सप्ताह तबाही मचा चुके हैं टिड्डी 

पिछले सप्ताह शुक्रवार को मध्य प्रदेश से होता हुआ पहला टिड्डी दल झांसी पहुंचा था। रात में ओरछा के पास आजादपुरा में ये रुक गया था, लेकिन अगले दिन शनिवार सुबह कीटों का ये समूह बरुआसागर पहुंच गया। 

यहां आधा दर्जन से अधिक गांवों में सब्जियों के खेतों में इन कीटों ने भारी तबाही मचाई थी। दूसरा दल रविवार को यहां आया था। बबीना होते हुए इन कीटों ने सुकुवां-ढुकुवां के पास जंगल में डेरा डाल लिया था। 

रात में इन पर रसायन का छिड़काव किया गया था, जिससे लगभग चालीस लाख कीट मारे गए थे। बचे हुए मध्य प्रदेश के छतरपुर की ओर उड़ गए थे।
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