झांसी जिले के ओरछा के गुजर्रा गांव की बेटी उपासना की विदाई जब वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कश्मीर सीमा पर तैनात उसके तीनों भाइयों और उनके सैनिक साथियों ने देखी तो सभी की आंखें भर आईं। फौज की वर्दी में देश की सीमा पर खड़े भाई ने कहा बहना यह खुशी का मौका है आंसू बहाने का नहीं, तुम खुश रहो ये दुआ है हमारी, हम जल्दी ही आएंगे।
लाल जोड़े में बहन की डोली उठते देख भाइयों की आंखें तो नम थीं ही, गुजर्रा गांव के लोग भी इस दृश्य को देखकर अपने आंसू नहीं रोक पा रहे थे। सीमा पर तैनात साथी सैनिक भी जितेंद्र, महेंद्र व प्रदीप यादव के जज्बे को सलाम कर रहे थे, जो देश की सीमा की रक्षा के लिए अपनी इकलौती बहन की शादी में नहीं गए।
गुजर्रा निवासी तीनों सगे भाई कश्मीर की सीमा पर तैनात हैं। सोमवार को वे अपनी इकलौती बहन की शादी में नहीं आ सके। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बहन व परिजनों के लिए जो संदेश भेजा है वह भावुक करने वाला है।
उपासना के भाई जितेंद्र यादव ने सोशल मीडिया पर डाली गई पोस्ट में लिखा है, ये पल हमारे लिए भावुक करने वाला है, पर जो युवा सेना में जाना चाहते हैं, उनके लिए मनोबल बढ़ाने वाला भी है।
कश्मीर सीमा पर इन दिनों जिस तरह से पड़ोसी देश की आतंकी गतिविधियां जारी हैं, उससे तनाव की स्थिति है। इस कारण से सीमा पर जवान मुस्तैदी से तैनात हैं। जितेंद्र ने कहा कि एक तरफ बहन थी और दूसरे तरफ भारत माता। भारत माता की रक्षा को हमने सर्वोपरि माना।
गुजर्रा गांव निवासी फौजी जितेंद्र, महेंद्र व प्रदीप यादव के पिता किशोर सिंह व मां कपूरी देवी अपनी बेटी की विदाई के बाद गमगीन तो हैं, पर उनके बेटों ने देशभक्ति का जो उदाहरण पेश किया है उससे अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।