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अवैध होर्डिंग से शहर बेहाल, निगम की मंशा पर उठे सवाल

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अवैध होर्डिंग से शहर बेहाल, निगम की मंशा पर उठे सवाल
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झांसी। शहर में लगे अवैध होर्डिंग शहर के लिए लाइलाज बीमारी बन गए हैं। स्मार्ट सिटी का दर्जा मिलने के बाद भी अवैध होर्डिंग न हटवाने और इन्हें लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने की वजह से नगर निगम की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं। जहां अवैध होर्डिंग से हजारों रुपये रोजाना के राजस्व की खुलेआम चपत लगाई जा रही है। इसके बाद भी दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। इससे पता चलता है कि इस ‘खेल’ में कहीं न कहीं जिम्मेदारों की ‘जुगलबंदी’ चल रही है। इससे शहर की सुंदरता का तो कचरा हो ही रहा है, वहीं, अवैध होर्डिंग लगाने वाले ठेकेदार भी मालामाल हो रहे हैं।
इलाइट चौराहा
इलाइट चौराहा शहर की ह्दय स्थली माना जाता है। चौराहा के आसपास होर्डिंग लगाना प्रतिबंधित है, लेकिन नगर निगम यहां लगे होर्डिंग पर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहा है। स्थिति यह है कि यहां पर किसी ने लकड़ी की बल्लियों के सहारे तो किसी ने बिजली के खंभों का सहारा लेकर होर्डिंग टांग दिए हैं। यही नहीं, चौराहे के इर्दगिर्द प्रचार पैनल लगा दिए गए हैं। होर्डिंग में ऐसे चेहरे दिख रहे हैं जिनकी प्रदेश में सरकार है। मुख्यमंत्री अवैध होर्डिंग हटाने की बात करते है और नेताजी अवैध होर्डिंग लगा रहे हैं। होर्डिंग का एक सिरा बल्ली पर और दूसरा सिरा बिजली के खंभे पर बांध दिया जाता है।
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खंडेराव गेट तिराहा
पंचकुइयां रोड पर अवैध होर्डिंग लाइन से लगे थे। विधायक रवि शर्मा ने हटवाने का वायदा किया था। करीब एक महीने पहले जिले के प्रभारी मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह के आने से पहले नगर निगम ने अभियान चलाकर अवैध होर्डिंग हटा दिए थे। लेकिन, अब खंडेराव गेट तिराहा पर हनुमानजी मंदिर के सामने दो होर्डिंग रातोंरात तान दिए गए हैं। इनकी अनुमति किसने दी, नगर निगम को इस बारेे में कुछ भी पता नहीं हैं। यदि यहां होर्डिंग वैध लगे हैं तो नगर निगम ने कार्रवाई कर होर्डिंग हटाए क्यों थे। इससे अफसरों की नीयत पर सवाल उठना लाजमी हैं। होर्डिंग के नीचे भी अतिक्रमण रखा है। यहां पर जूते-चप्पल के स्टैंड बनाने का कारोबार दिन भर चलता है। दिलचस्प बात यह है कि खंडेराव गेट पुलिस चौकी के जवान भी दिन भर बैठते हैं। अतिक्रमण के कारण जाम लगता है, लेकिन उन्हें इसकी परवाह नहीं है।
शहर का बस स्टैंड
बस स्टैंड के सामने भी अवैध होर्डिंग तने हैं। यहां पर होर्डिंग लगाने के लिए ठेकेदारों में मारामारी रहती है, क्योंकि यहां होर्डिंग लगाने से ठेकेदारों को मोटी रकम मिलती है। खास बात यह है कि जिन ठेकेदारों का ठेका नहीं है, वह भी यहां पर होर्डिंग लगाए हैं। अवैध होर्डिंग के नीचे पुरानी जींस, पेंट और शर्ट बेचने वालों की दुकानें सजी रहती हैं, जिससे पूरा फुटपाथ उनके कब्जे में रहता है। मजबूरन पैदल आने-जाने वाले मेन रोड से गुजरते हैं। रही सही कसर टैंपो वाले अतिक्रमण कर पूरी कर देते हैं। बरसात में यहां पर पानी भरा रहता है, जिससे गाड़ियां निकलती हैं तो गंदे पानी के छींटों से यहां से निकलने वालों के कपड़े खराब हो जाते हैं।
एसपीआई कालेज
एसपीआई इंटर कालेज की प्रयोगशाला की दीवार के सहारे अवैध होर्डिंग लगी हुई है। प्रधानाचार्य उमाशंकर स्वर्णकार एक साल से नगर निगम के चक्कर लगा रहे हैं। उनका कहना है कि होर्डिंग से भौतिक विज्ञान की प्रयोगशाला में अंधेरा रहता है। अवैध तरीके से लगी होर्डिंग हटाई जाए, लेकिन होर्डिंग नहीं हटाई जा रही हैं। बल्कि, उल्टे उन्हें ही कायदे समझाए जाने लगते हैं। जो होर्डिंग लगी है वह नगर निगम के वैध ठेकेदार की नहीं, बल्कि अवैध तरीके से लगी हुई है। इस होर्डिंग की आड़ में मोटरसाइकिल सुधारने वाले गाड़ियां खड़ी करते हैं। दुकानदार नाली में लघुशंका भी करते हैं, जिससे बदबू फैलती है।
अफसरों की मेहरबानी से अवैध ठेकेदार मालामाल
नगर निगम में अवैध होर्डिंग का ‘खेल’ कोई नया नहीं हैं, बल्कि इसकी आड़ में बहुत से वैध व अवैध लोग मालामाल हो रहे हैं। कुछ तो सत्ताधारी दल के नेताओं की आड़ में अपना अवैध कारोबार धड़ल्ले से चला रहे हैं। कुछ अवैध ठेकेदार अफसरों की दरियादिली के कारण मालामाल हो रहे हैं।
कभी भी हो सकता है हादसा
बरसात का सीजन चल रहा है। बिना मानक और प्रतिबंधित जगह पर लकड़ी की बल्ल्यिों के सहारे होर्डिंग लगा देने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, क्योंकि बल्लियां पानी गिरने की वजह से झुक सकती हैं और इनकी चपेट में आकर कोई भी व्यक्ति दुर्घटना का शिकार हो सकता है।
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यह है नियम
- बिना नगर निगम की अनुमति के किसी भी स्थान पर होर्डिंग नहीं लगाई जा सकती।
- होर्डिंग इस तरह से लगाए जाने चाहिए कि यातायात बाधित न हो।
- होर्डिंग पर ऐसा कोई चित्र या भाषा न हो, जिससे राहगीरों का ध्यान भटके।
- चौराहा के आसपास होर्डिंग लगाना प्रतिबंधित है इससे राहगीरों का ध्यान भटक सकता है।
एफआईआर का है प्रावधान
नियमानुुसार नगर निगम द्वारा चिह्नित स्थलों पर ही होर्डिंग लगाई जानी चाहिए। यदि बिजली के खंभे पर होर्डिंग लगाई जाती है तो विभाग उसके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करा सकता है।
कोट --
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होर्डिंग हटवाएंगे
एसपीआई कालेज के पास लगी होर्डिंग हटाने का आदेश दे दिया है। इलाइट चौराहा पर अवैध होर्डिंग नहीं लगने देंगे। शहर में लगी सभी अवैध होर्डिंग हटवाएंगे।
- प्रताप सिंह भदौरिया
नगर आयुक्त
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