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फूड इंजीनियर बन करें व्यवसाय
- फूड सेक्टर की कंपनियों में नौकरी पाने का भी मौका
- विश्व का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है भारत
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा खाद्य उत्पादक देश है। भारत में फूड इंडस्ट्री हर साल 23 फीसदी की वार्षिक वृद्धि दर से विकसित हो रही है। ऐसे में फूड टेक्नोलॉजिस्ट्स और फूड इंजीनियर्स की मांग लगातार बढ़ रही है। छात्र- छात्राएं फूड टेक्नोलॉजी के बीटेक कोर्स में प्रवेश लेकर बेहतर रोजगार पाने के साथ ही व्यवसाय शुरू कर सकते हैं।
भागदौड़ वाले जीवन में वक्त के अभाव एवं भोजन की बदलती आदतों के कारण डिब्बाबंद प्रसंस्कृत भोजन एवं पेय पदार्थों का प्रचलन देश में बढ़ता जा रहा है। भारत में 24 लाख करोड़ रुपये के खाद्य उत्पादों की खपत होती है। वर्ष 2025 तक यह खपत बढ़कर 65 लाख करोड़ रुपये तक होने की उम्मीद है। इससे भारत में फूड वैल्यू चेन बनाने को लेकर बड़े मौके मिलेंगे। यह ऐसा वृहद क्षेत्र है, जहां रोजगार के साथ-साथ व्यवसाय के असीम अवसर हैं। देश में पोस्ट हार्वेस्ट सुविधाएं, परिवहन, कोल्ड चेन विकसित करने और खाद्य उत्पाद के क्षेत्र में घरेलू के साथ-साथ विदेशी निवेश के बेहतरीन मौके मिलेंगे। बीटेक फूड टेक्नोलॉजी की समन्वयक डॉ. शुभांगी निगम ने बताया कि वर्ष 2024 तक खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में 90 लाख लोगों को रोजगार पाने का मौका मिलने की संभावना है। केंद्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मंत्री उमा भारती ने बुंदेलखंड के बरुआसागर और तालबेहट में फूड प्रोसेसिंग पार्क बनाने का ऐलान किया है। इससे बुंदेलखंड में कई नौकरियां उपलब्ध हो सकेंगी। मैथमेटिक्स अथवा बायोलॉजी किसी भी ग्रुप से इंटरमीडिएट पास करने वाले विद्यार्थी इस कोर्स में प्रवेश ले सकते हैं। कोर्स की 50 फीसदी सीट एकेटीयू की यूपीएसईई परीक्षा से भरी जाती हैं। जबकि, 50 प्रतिशत सीटों पर बीयू की प्रवेश प्रक्रिया द्वारा सीधे प्रवेश पा सकते हैं। उन्होंने बताया कि फूड इंडस्ट्री में फूड टेक्नोलॉजिस्ट व फूड इंजीनियर्स की जरूरत कई विभागों जैसे प्रोडक्शन, क्वालिटी कंट्रोल, रिसर्च एंड डेवलपमेंट आदि के लिए होती है। कोर्स करने के बाद विद्यार्थी फूड सेक्टर की विभिन्न कंपनियों में रिसर्च एंड डिजाइन इंजीनियर, फूड क्वालिटी एश्योरेंस ऑफिसर, सेंसरी साइंटिस्ट, फ्लेवर साइंटिस्ट, प्रोजेक्ट मैनेजर, प्रोडक्शन मैनेजर, फूड एप्लीकेशन स्पेशलिस्ट आदि पदों पर कार्य कर सकते हैं। साथ ही खुद का व्यवसाय शुरू कर सकते हैं। वहीं, पब्लिक सेक्टर में फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय, फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, मॉर्डन फूड कॉर्पोरेशन, नार्थ इस्टर्न एग्रीकल्चरल मार्केटिंग कॉर्पोरेशन आदि स्थानों पर कार्य कर सकते हैं।
इंटरमीडिएट पास के लिए कोर्स
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कोर्स का नाम: बीटेक फूड टेक्नोलॉजी
योग्यता: 50 फीसदी से बायो अथवा मैथ ग्रुप से इंटर पास
चयन प्रक्रिया: 50 प्रतिशत पर सीधे प्रवेश व 50 पर एकेटीयू से
अवधि: चार साल
सीट: 60
फीस: 67,000
डिप्लोमाधारियों के लिए कोर्स
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कोर्स का नाम: बीटेक फूड टेक्नोलॉजी
योग्यता: इंजीनियरिंग व टेक्नोलॉजी के डिप्लोमाधारकों को दूसरे वर्ष में सीधे प्रवेश
अवधि: तीन साल
फीस: 67,000
ऑनलाइन आवेदन करें
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने कैंपस और संबद्ध कॉलेजों में चल रहे कोर्सों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन फॉर्म भरने की तिथि बढ़ा दी गई है। छात्र-छात्राएं अब सीधे प्रवेश और प्रवेश परीक्षा वाले कोर्सों के लिए बिना विलंब शुल्क के 10 जून तक और विलंब शुल्क के साथ 15 जून तक फॉर्म भर सकते हैं। प्रवेश परीक्षा की तिथि में भी बदलाव हुआ है। 11 और 12 जून को होने वाली प्रवेश परीक्षा अब तीन और चार जुलाई को होगी। अभ्यर्थी प्रवेश परीक्षा का एडमिट कार्ड विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.bujhansi.ac.in से डाउनलोड कर सकते हैं। परीक्षा के लिए झांसी के अलावा लखनऊ, गोरखपुर, इलाहाबाद, बरेली, गाजियाबाद केंद्र बनाए गए हैं।