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मेडिकल कॉलेज: समस्याएं थीं तो हैंडओवर कैसे हुई मॉड्यूलर ओटी?-City

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समस्याएं थीं तो हैंडओवर कैसे हुई मॉड्यूलर ओटी?
- निरीक्षण के दौरान मेडिकल कॉलेज प्राचार्य ने किया सवाल
- सुधार के लिए डीएम को लिखा पत्र, स्टाफ ने बताई समस्याएं
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. साधना कौशिक ने मॉड्यूलर ओटी का निरीक्षण किया। प्राचार्य ने अधीनस्थों से सवाल किया कि ओटी में इतनी समस्याएं थीं, तो हैंडओवर कैसे हो गई। अब जिलाधिकारी को पत्र लिखकर कार्यदायी संस्था से ओटी सुधरवाने की मांग की गई है।
मेडिकल कॉलेज में दो अप्रैल को दो मॉड्यूलर ओटी की शुरूआत हुई थी। आधुनिक संसाधनों से लैस होने के कारण ओटी में मरीजों को बेहतर इलाज मिलने की संभावना थी लेकिन समस्याओं का अंबार होने के कारण इसके उद्देश्यों पर पानी फिर रहा है। सोमवार को ‘अमर उजाला’ ने अपने अंक में मॉड्यूलर ओटी का एसी खराब होने, पानी की सप्लाई बाधित रहने, सेंसरलेस दरवाजे ठीक तरह से काम न करने, ऑक्सीजन की मात्रा नापने वाला यंत्र बीच-बीच में बंद हो जाने समेत कई समस्याएं उठाई थीं। इसको संज्ञान में लेते हुए कॉलेज प्राचार्य डॉ. साधना कौशिक सोमवार को सुबह ही मॉड्यूलर ओटी पहुंच गईं। उन्होंने ओटी का जायजा लिया। साथ ही डॉक्टर और कर्मचारियों से पूछताछ की। उन्होंने समस्याएं होने के बावजूद ओटी हैंडओवर लेने पर सवाल भी किए। उन्हें बताया गया किया जब ओटी हैंडओवर हुई थी, तब ये सबकुछ ठीक था। कुछ सप्ताह बाद ही ओटी में समस्याएं होने लगीं। इस दौरान स्टाफ ने ओटी और सिस्टर रूम के बीच में वॉल फैन लगवाने की मांग की। प्राचार्य ने मांग पूरी करने आश्वासन दिया।
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ओटी के पास बने पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड को स्टोर बना रखा है, जिसे खाली कराने के निर्देश दिए गए। इस वार्ड में बाथरूम बना हुआ है। बंद रहने से मरीजों, तीमारदारों को परेशानी होती है। बाद में प्राचार्य ने वार्ड का भी निरीक्षण किया। इस दौरान सुपरवाइजर को निर्देश दिए गए कि मरीज के साथ एक या दो तीमारदार ही रहें। इस दौरान सीएमएस डॉ. हरीशचंद्र आर्या मौजूद रहे।
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