झांसी। अपर सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार चतुर्थ की अदालत ने जानलेवा हमले के आरोपी को 10 साल के कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा 20 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अतुलेश सक्सेना ने बताया कि 15 अप्रैल 2013 की रात तकरीबन नौ बजे मऊरानीपुर के करेचा निवासी धर्मदास का पुत्र संतोष दिल्ली से वापस अपने गांव जाने के लिए मऊरानीपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंचा था। इसी दरम्यान गांव के ही दो युवक उसे मोटरसाइकिल से अपने साथ ले गए थे। वहां उसकी मुलाकात मऊरानीपुर थाना इलाके के दुबे चौक निवासी मनीष उर्फ लकी मुदगिल से हुई। लकी ने संतोष के बैग में रखे बीस हजार रुपये और घड़ी लेने की कोशिश की। इसका विरोध करने पर लकी ने संतोष को गोली मार दी, जिससे वो घायल हो गया। घटना की रिपोर्ट पीड़ित के चाचा शिवदयाल ने थाने में दर्ज कराई थी। अदालत ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद आरोपी को 10 साल की जेल और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।