नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया द्वारा आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम विकसित किया गया है। इसके जरिये आधार नंबर और फिंगर प्रिंट की मदद से माइक्रो एटीएम के जरिये वित्तीय ट्रांजेक्शन किया जाता है। इसमें लोगों को ट्रांजेक्शन के लिए अपने बैंक अकाउंट की जानकारी देने की जरूरत नहीं पड़ती है। इसके जरिये एक दिन में 20 हजार और एक बार में अधिकतम 10 हजार रुपये का हस्तांतरण किया जा सकता है।
लोगों की सहूलियत के लिए बनाया गया ये वित्तीय लेनदेन का सिस्टम साइबर अपराधियों के निशाने पर आ गया है। लोगों की अंगूठे की छाप का क्लोन तैयार कर साइबर अपराधी माइक्रो एटीएम के जरिये खातों से रकम उड़ाने में जुटे हुए हैं। जून से लेकर अगस्त माह तक इस तरह की धोखाधड़ी के 70 मामले सामने आ चुके हैं। लोगों के बैंक खातों से साढ़े दस लाख रुपये से अधिक की रकम उड़ाई जा चुकी है।
दस्तावेजों से हासिल कर लेते हैं अंगूठे की छाप
संपत्तियों की खरीद-फरोख्त के दस्तावेजों में क्रेता और विक्रेता दोनों को कई कागजों पर अंगूठा लगाना पड़ता है। इन्हीं दस्तावेजों से साइबर अपराधी लोगों के अंगूठे की निशानी हासिल कर लेते हैं। कई कागजों में से जिस पर अंगूठे का सबसे साफ निशान होता है, उसे ये हासिल कर लेते हैं। फिर इसका क्लोन तैयार कर माइक्रो एटीएम की मदद से लोगों के खातों से पैसा अपने खाते में ट्रांसफर कर लेते हैं।
लॉक कराएं आधार
साइबर सेल प्रभारी नीरज कुमार ने बताया कि अंगूठे के क्लोन के जरिये खातों से रकम उड़ाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। कई मामलों में साइबर पुलिस लोगों की रकम वापस दिला चुकी है। उन्होंने बताया कि इससे बचने के लिए वेबसाइट uidai.go.in पर जाकर आधार लॉक कराना जरूरी है। इस वेबसाइट को खोलने पर आधार सर्विस पर जाकर बायोमेट्रिक लॉक ऑप्शन को चुनें। इसके बाद रजिस्ट्रर्ड मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी को भरें और बायोमेट्रिक लॉक इनेबल करें।