सुजानगंज के रौहा ताल में कार्य करते मजदूर। संवाद
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सुजानगंज। क्षेत्र के रौहा ताल के दिन अब बहुरने वाले हैं। इसके सुंदरीकरण का कार्य शुरू कर दिया गया है। दो करोड़ की लागत से इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इस ताल के जीर्णोद्धार के लिए स्वामी रामभद्राचार्य ने शासन को पत्र भी लिखा था।
रौहा ताल कई किलोमीटर में स्थित है और यह धनुषाकार है। ऐसी मान्यता है कि जब भगवान श्रीराम सीता और लक्ष्मण के साथ वन जा रहे थे तो इसी स्थान पर अपना धनुष रखे थे। इसके कारण यह धनुषाकार है। यह ताल छह ग्राम पंचायतों तक फैला है। इसमें बखोपुर, रामपुर भभरा, सुल्तानपुर, सराय भोगी, मिश्रमऊ और साडीकला स्थित है। रौहा ताल का सुंदरीकरण कार्य तेजी से चल रहा है। खंड विकास अधिकारी सचिन भारती ने बताया कि इसके बन जाने से जल संग्रह होगा। चारों तरफ वृक्षारोपण, लाइट, बैठने के लिए बेंच आदि लगाए जाएंगे। इसके लिए दो करोड़ रुपये खर्च करने की व्यवस्था है। प्रयास है कि बारिश से पहले ताल का जीर्र्णोद्धार कर लिया जाए। इस ताल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। काम तेजी से चल रहा है।