दशकों से लगे जर्जर तारों से अब शीघ्र ही छुटकारा मिलेगा। वहीं इन तारों के टूटने से कोई हादसा नहीं होगा और बिजली चोरी पर भी लगाम लगेगी। ये सभी कार्य रिवैंप डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के तहत होंगे। वहीं, जिम्मेदार भी इसे परवान चढ़ाने में जुट गए हैं। वे सर्वे कर रहे हैं, जिसकी रिपोर्ट जिम्मेदारों की ओर से शीघ्र ही शासन को भेजी जाएगी।
जिले में तकरीबन पांच लाख 80 हजार उपभोक्ता है, जिनको बिजली उपलब्ध कराने के लिए 48 हजार ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। वहीं 63 बिजली उपकेंद्र हैं। बावजूद इसके निर्बाध रूप से बिजली आपूर्ति नहीं हो पा रही थी। जर्जर तार हो जाने के कारण वह आए दिन टूटकर गिरते रहते हैं। जिसकी चपेट में आकर आए दिन कोई न कोई अपनी जान गंवा रहा है। ट्रांसफार्मर पुराने होने से बिजली आपूर्ति भी आए दिन बाधित होती रहती है। लेकिन अब इन समस्याओं से लोगों को जल्द छुटकारा मिल जाएगा। वहीं लोगों को शेड्यूल के मुताबिक बिजली भी मिलेगी। इसके लिए सरकार ने पूरे प्रदेश में बिजली वितरण तंत्र को दुुरस्त करने और लाइन लॉस कम करने के लिए रिवैंप डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम योजना की शुरूआत की है। इस योजना के तहत अगले 10 साल तक सुचारू रूप से विद्युत आपूर्ति करने हेतु कार्य योजना तैयार की जा रही है। इस योजना को परवान चढ़ाने का कार्य जिले में शुरू कर दिया गया है। इसके लिए जिम्मेदार सर्वे कर रिपोर्ट तैयार करने में जुट गए हैं। इस दौरान वे जनप्रतिनिधियों के भी बिजली संबंधी प्रस्ताव को भी इसमें शामिल कर रहे हैं, जिसके बाद भी रिपोर्ट वे शासन को भेजेंगे। शासन से इसकी जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट में कोई कमी रहेगी तो उसे संशोधित किया जाएगा। रिवैंप डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम योजना के तहत जर्जर तारों को बदलने, परिवर्तकों की क्षमता वृद्धि और आवश्यकता अनुसार नये उपकेंद्रों की स्थापना करने सहित बिजली चोरी रोकने के लिए स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य किया जाएगा। इसके लिए भी जिम्मेदार प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं।
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वर्जन
-रिवैंप डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम योजना के तहत जर्जर तारों को बदलने, परिवर्तकों की क्षमता वृद्घि करने, आवश्यक्ता अनुसार उपकेंद्र बनाने और स्मार्ट मीटर लगाने आदि का कार्य किया जाना है, इसके लिए सर्वे किया जा रहा है। जनप्रतिनिधियों के इससे संबंधी प्रस्ताव मांग कर इसमें शामिल किए जाएंगे, जिसके बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी, जिसकी जांच शासन से होगी। अगर कोई कमी रहेगी तो उसे संशोधित किया जाएगा, इसके बाद योजना को परवान चढ़ाने का कार्य किया जाएगा।
- विवेक खन्ना, अधीक्षण अभियंता, विद्युत वितरण मंडल प्रथम